Wednesday, August 19, 2020

सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर CBI का राष्ट्रीय खेल शुरू

अब किसी के पास कोई भी सवाल करने का अधिकार नहीं रह गया ? 

सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर CBI का राष्ट्रीय खेल शुरू

आज देश के सर्वोच्च न्यायालय ने वर्तमान में चल रही देश की सबसे बड़ी घटना सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर सीबीआई की जांच की मुहर लगा दी आज जिस तरीके से भारत की पुलिस व्यवस्था काम करती है, उस पर किसी को भरोसा नहीं है आखिर किस हिसाब से भारत में पुलिस की व्यवस्था को जीवंत रखा गया है लगातार हो रहे घटना, दुर्घटनाओं के बाद सीबीआई की मांग सामने आ जाती है लोग सड़कों पर उतर जाते हैं और अपनी बात सरकार तक रखते हैं और एक माध्यम ही बचा है, जिससे आप न्याय की या खानापूर्ति की या अपनी आवाज बुलंद करने का माध्यम भारत की जनता समझती है जब से होश संभाला है, तब से यह खेल आज तक समझ में नहीं आया कि यह कैसा खेल है आखिर किस हिसाब से भारत में पुलिस की व्यवस्था आज भी स्थापित है

नवरुणा चक्रवर्ती


चलिए, मैं एक ऐसी घटना से आपको परिचित कराता हूं, जो भारत की जनता जानती है। आज से ठीक लगभग 8 साल पहले भारत के महत्वपूर्ण राज्य बिहार में एक 12 साल की बच्ची जिसका नाम नवरुणा चक्रवर्ती था, उसकी हत्या हो जाती है। उस केस को लेकर देशभर में हंगामे हुए और अंत में कुछ महत्वपूर्ण लोगों के प्रयासों से सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के कारण सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को के सुपुर्द कर दिया। लेकिन नतीजा क्या हुआ ? आज भी पिछले 6 सालों मे सीबीआई जांच अपनी पूरी नहीं कर पाई ? आखिर हम भारत की जनता से एक सवाल करना चाहते हैं कि आखिर आपको क्यों लगता है कि सीबीआई जैसी संस्थाएं निष्पक्ष जांच कर सुशांत सिंह राजपूत को न्याय दे पाएगी ?





सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के कारण सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को के सुपुर्द


आज तक ऐसी कोई भी केस कोई भी ऐसी घटना सामने नहीं आई, जिस का निपटारा भारत की सर्वोच्च जांच एजेंसी कहीं जाने वाली सीबीआई ने पूरा कर दिया। आज तक यह जांच एजेंसी जिसे हम सीबीआई कहते हैं वह चुनाव के वक्त या सरकार को गिराने और बनाने के काम में हम देखते आ रहे हैं। लेकिन ऐसी कोई न्यायिक प्रक्रिया में सीबीआई ने ऐसी कोई भी जांच पूरी कर आज तक नहीं दिया। देश में वाकई में न्याय की कोई भी गुंजाइश हो। खैर, भारत की महान जनता जो भीड़ के साथ चलना पसंद करती है और आज उस भीड़ का एक राजनैतिक मांग पूरा हो गया। इस मांग को मैं राजनीतिक ही कहूंगाक्योंकि, अगर न्याय व्यवस्था में दम होता और न्याय व्यवस्था न्याय के लिए बनी होती, तो शायद सीबीआई जांच की आवश्यकता ना होती। अब किसी के पास कोई भी सवाल करने का अधिकार नहीं रह गया ?  वह कभी भी सवाल कर या नहीं पूछ सकता की  दरोगा जी, पुलिस अधीक्षक महोदय अब तक आपने क्या किया ?

भारत की महान जनता जो भीड़ के साथ चलना पसंद करती है और आज उस भीड़ का एक राजनैतिक मांग पूरा हो गया

हम अपनी व्यवस्थाओं से ऊब चुके हैं।  फिर भी हम लोग राजनीति का बहुत खूबसूरत शिकार बनते हैं। आज बिहार विधानसभा चुनाव सर पर है और इसी का यह बहुत खूबसूरत सर नमूना है कि आज तक हम सुशांत सिंह राजपूत को जिंदा महसूस कर रहे हैं । सुशांत सिंह जैसे कलाकार जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कलाकारों में से एक थे, जिन्होंने मात्र 34 साल की उम्र में दुनिया भर में अपना नाम कमाया। 

34 साल की उम्र में दुनिया भर में अपना नाम कमाया


सुशांत सिंह राजपूत एक बहुत बड़े विचारों के साथ इस दुनिया में अपने आप को स्थापित कर रहे थे। एक बार का हम सबों को ध्यान रखना होगा, जब भी कोई बड़ा सोच रखने वाला इस समाज में आगे बढ़ने का प्रयत्न करता है तो कोई ना कोई व्यवस्था उस पर हावी हो जाती है। और फिर हम जैसे लोग सड़कों पर उतर कर न्याय के लिए ऐसी एजेंसियों की मांग करते हैं। जो सिर्फ राजनीतिक खेल का एक मोहरा है हमें नया भारत बनाने के लिए नई ऊर्जा के साथ नया कदम बढ़ाना होगा, ताकि आगे से कोई भी महान उद्देश्य के साथ आगे बढ़ने वाला बच्चा हमारा समाज उसे संभाल सके उसे बना सकें उसका मनोबल बढ़ा सके उसके कर्मों के साथ खड़ा हो सके।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत

मैं एक सप्ताह पहले सुशांत सिंह राजपूत के लिए डॉक्टर रूपक कुमार सिंह के साथ एक साक्षात्कार किया था। मेरे सवाल बहुत कटु है ? कल शायद आपको पढ़ने के बाद तकलीफ देगा, लेकिन बहुत शांति से महसूस करिएगा कि क्या हम ऐसे भारत में जी रहे हैं ? क्या हम ऐसे संविधान के साथ जी रहे हैं ? क्या उस संविधान के अंदर दी गई प्रक्रियाओं के तहत इस देश के संचालकों में इतनी शर्म बाकी है कि वह सुशांत सिंह राजपूत को न्याय दिला पाएगी ? क्या अगले या कुछ चंद महीनों के अंदर हमें यह पता लग पाएगा, की  सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की थी या उनकी पूरी प्लानिंग के तहत हत्या की गई चलिए। एक भरोसे के साथ पुनः सीबीआई पर भरोसा करते हैं और देखते हैं इस बार सीबीआई कौन सा खेल खेलती है और किस रूप में। क्या बिहार विधानसभा चुनाव में खत्म होने के बाद सुशांत सिंह राजपूत कब तक बिहारियों के दिल में राजनेताओं के दिलों में और उनके भाषण में शामिल रहते हैं वह भी देखें का वक्त आएगा ????????/

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