Tuesday, March 31, 2020

वैशाली जिलाधिकारी से नहीं चल रही जिले की व्यवस्था, विभिन्न स्तरों पर युवाओं ने संभाला बागडोर

हो सकता हैं बड़ी दुर्घटना, वैशाली को झेलना पड़ सकता हैं महामारी, संकट रोकने में विफल जिला प्रशासन


एक सप्ताह में लाखों लोगों का पलायन बिहार की तरफ़ बड़ी तेजी से बढ़ा और उत्तर बिहार जाने वाले लोगों का आगमन वैशाली जिले से होकर ही गुजरा हैं। वहीं हाजीपुर मुख्यमार्ग से ही लाखों लोगों का आवागमन तेजी से हुए हैं और उनके लिए जीवन का कोई मतलब नहीं है जो जीवन भारत के निर्माण में लगा दिया। पुरे भारत से बड़े तेजी से गरीब मजदूरों को किसी ना किसी तरीके से भगा दिया है। मजदूर के रूप में भारत के कोने कोने में फैले हुए बिहारी आज अपने अस्तित्व के लिए छटपटाता नज़र आ रहा है। लाखों जिंदगी को अधर में लटका कर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में सफ़लता प्राप्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भारतीय राजनीति में दूसरी सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर गया, जब भारतीय जनता की जिंदगी भारतीय संविधान के तहत प्रधानमंत्री पद पर बैठे माननीय की मुट्ठी भर हैं। नोटबंदी की तरह ही रात 8 बजे आते-जाते और भारत को रात 12 बजे से बंद कर दिया। लोगों को जो खास कर मजदूर व गरीब थे, उन्हें उचित स्थानों तक ना तो पहुंचाया और ना ही पहुंचने दिया गया। आम जनता के लिए जो इस देश के निर्माता हैं उनके भोजन पानी की भी जरूरत को ध्यान में नहीं रखा गया। लंबे समय से देखा जा रहा था कि पुलिस अधीक्षक की भूमिका बहुत दुखदाई रही थी, तो अब जिलाधिकारी की स्थिति दयनीय दिखाई देने लगी है। अब जब पुलिस अधीक्षक ने बेहतरीन पुलिसिंग कर जनता में अपना विश्वास स्थापित किया है तो अब ठेके पर लग रहा जिलाधिकारी की भूमिका और उनका नेतृत्व।


आज वर्तमान परिस्थितियों में देखा जाए तो लगातार आम जनता का की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। इसका बहुत बड़ा उदाहरण आज पुरा भारत या कहें भारत को स्वयं में समाहित किए बिहारी की स्थिति से समझ सकते हैं। आज लगातार सड़कों पर पलायन कर रहे बिहारियों की तस्वीर देखने को मिल सकती हैं। पिछले दो दिनों में वैशाली से होकर जाने वाले परिवारों की स्थिति देखकर मानवता शर्मसार हो चुकी है लेकिन वैशाली जिला प्रशासन ने उन लाखों लोगों को एक स्थान देने की कोई व्यवस्था नहीं किया। पटना पुल, सोनपुर पुल, आदि से किसी तरह भाग कर या भागकर स्थिति मानवीय नहीं रहने दिया गया है। लगातार अपडेट के बावजूद वैशाली जिले में लोगों के सुरक्षा व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, रख रखाव की बातें करने में ध्यान नहीं रखा गया। जिला प्रशासन की तैयारियां देखकर यही लगा कि जो आज वर्तमान में जिलावासियों के लिए भी तैयार नहीं था। जिसका परिणाम यह हुआ है कि मात्र सप्ताह भर भी जिला प्रशासन जिलावासियों तक सामान्य जरूरतों को भी पूरा नहीं किया गया। जिसके बाद पूरे भारत से भगाकर बिहार भागे लोगों का सबसे बड़ा हिस्सा वैशाली होकर उत्तर बिहार गये। लाखों परिवार ने भूखे पेट वैशाली में कुछ समय बिताया या रहे, लेकिन वैशाली जिले जो कि लोकतंत्र की जननी भूमि हैं। वह वैशाली गणराज्य अपने बच्चों को सामान्य पानी भी पिलाने लायक नहीं खड़ा हो पाया। जो कि वैशाली जिला प्रशासन की एक कुर्रूता ने वैशाली गणराज्य पर कलंक लगा दिया गया।


वैशाली के हीरो के रूप में पिंटू यादव, जो कि एक आदर्श अस्पताल के संचालक हैं और जन अधिकार पार्टी के सदस्य भी हैं। जब लाॅक डाउन के साथ ही मजदूरों और गरीबों की स्थिति को भांपते हुए मदद के आगे आये। पिंटु यादव ने बताया कि वर्तमान कोरोना महामारी में लॉक डाउन की वजह से बहुत सारे लोगों को खाना उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उनलोगों के लिए मेरी तरफ से एक छोटा सा प्रयास यह कि पका खाना का प्रबंध किया। सोमवार यानी 30 मार्च को उनलोगों के लिए खाने की व्यवस्था, पानी, सेनेटाइजर, मास्क इत्यादि व्यवस्था उपलब्ध किया। पिंटु यादव ने बताया कि हाजीपुर में पासवान चौक, जढुआ, रामअशीष चौक, महात्मा गाँधी सेतु, अंजानपीर चौक, जेपी सेतु एवं तमाम जगहों पर बाहर से आने वाले मजदूरों एवं अन्य लोगों के लिए खाने की व्यवस्था, पानी की व्यवस्था की गई। जन अधिकार पार्टी के (युवा परिषद) प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता पिन्टू यादव के नेतृत्व में गोलू सिंह, चंद्रभूषण ठाकुर, डाo रजनीश कुमार, मोo राजू, रामप्रकाश जी, सुजीत कुमार, मंटू श्रीवास्तव ने कराया।



वहीं आज बहुत बड़ा कदम उठाते हुए एक नौजवान अभिजीत शर्मा ने लाखों गरीबों, मजदूरों के लिए आगे बढ़े। इस कड़ी को मजबूती से दुख को महसूस किया और कुछ युवकों ने गरीबों और मजदूरों के लिए सहारा बनकर सामने आ खड़े हुए। इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आज 30 मार्च 2020 को जढुआ में भारतीय स्टेट बैंक के पास एक कदम आगे बढ़ते हुए अभिजीत शर्मा के नेतृत्व में भूखे व विवश लोगों के बीच पूरे भोजन, पानी की व्यवस्था की गई। एक लंबी तैयारी की गई और एक मजबूत फैसला लेते हुए लाॅक डाउन के दौरान 1 लाख लोगों तक मदद पहुंचाने का फैसला लिया गया। आज पहले दिन मार्च के अंतिम दिन 31 मार्च को लगभग हाज़ीपुर में 500 परिवारों के बीच खाना-पीना पहुंचाया। जब अहान न्यूज़ की बात अभिजीत से हुई तो बताया कि टीम जढुआ ने ये संकल्प लिया है कि पूरे हाज़ीपुर व उसके आसपास वाले इलाके में किसी भी भूखे तक खाना पहुंचाना ही लक्ष्य रखा है। वहीं पूरे लाॅक डाउन में हम लोगों ने 1 लाख लोगों तक खाना पहुंचने का लक्ष्य रखा है। अभिजीत शर्मा ने टीम जढुआ के बारे बताया कि इस टीम में सदस्य आतिश कुशवाहा, हरिशंकर सिंह, गौरीशंकर राय, ओमप्रकाश चिंटू, रंजीत कुमार, मुकेश कुमार, मनोज राय, विनेश कुमार, मंजीत कुमार इत्यादि शामिल है। 

Saturday, January 11, 2020

इनरव्हील क्लब ऑफ पटना ने मनाया इनरव्हील डे

Atrocities against women के खिलाफ एक रैली निकला गया
Atrocities against women के खिलाफ एक रैली निकला गया
आज दिनाक 10/01/2020 को इनर व्हील क्लब ऑफ़ पटना अपने दो दिवसीय प्रोजेक्ट के अंतर्गत आज दुसरे दिन इनर व्हील डे के रूप में मनाया ! 
इनरव्हील  क्लब ऑफ पटना ने मनाया इनरव्हील डे
इनरव्हील  क्लब ऑफ पटना ने मनाया इनरव्हील डे
इनर व्हील क्लब ऑफ़ पटना ने बख़्तियारपुर में Domestic Violence  और Atrocities against women के खिलाफ एक रैली निकला गया साथ ही Inner wheel Branding के लिए बख़्तियारपुर NH-31 पर Hotel Mahavihaar में एक Inner wheel Park और Inner Wheel  lOGO का Inauguration हमारी District Chairman Sarita Prasad जी के कर कमलों द्वारा किया गया  !

दो दिवसीय प्रोजेक्ट के अंतर्गत आज दुसरे दिन इनर व्हील डे के रूप में मनाया
दो दिवसीय प्रोजेक्ट के अंतर्गत आज दुसरे दिन इनर व्हील डे के रूप में मनाया
इस मौके पर प्रेसिडेंट संध्या  सरकार, विभा चरण पहाड़ी प्रियका, पूनम अग्रवाल, संगीता वर्मा, उषा सिन्हा, श्रुति अग्रवाल अंजू गुप्ता, स्वेता झा, चंद गुप्ता अनु अग्रवाल, विणा मित्तल, रेखा, रजनी, दिव्य निकेता, कंचनअन्य सदस्याए मौजूद थी !

वैशाली जिलाधिकारी से नहीं चल रही जिले की व्यवस्था, विभिन्न स्तरों पर युवाओं ने संभाला बागडोर

हो सकता हैं बड़ी दुर्घटना, वैशाली को झेलना पड़ सकता हैं महामारी, संकट रोकने में विफल जिला प्रशासन एक सप्ताह में लाखों लोगों क...