Tuesday, December 1, 2020

#बड़वाघाट_मेला #अपना_गाँव


आस्था व परंपरा की परिपाटी से जुड़े छपरा जिले के मशरख प्रखण्ड के अरना पंचायत मे घोघारी नदी के तट पर विगत डेढ़ वर्ष से भी ज्यादा समय से कार्तिक पूर्णिमा के दूसरे दिन लगने वाला बड़वाघाट मेला आधुनिकता की चकाचौंध के बाद भी अपनी पुरातन पहचान को कायम रखे हुए है। जनश्रुतियों के अनुसार वनवास के दौरान भगवान राम ने यहां प्रवास किया था । 

ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां पैर धोने से सभी पाप धुल जाते हैं। इस परंपरा को आज भी लोग काम किए हुए है। छपरा जिले के मशरख थाना अंर्तगत बरवाघाट में स्थापित ऐतिहासिक रामजानकी मंदिर  18वीं सदी में घोघारी नदी के तट पर बना है। इस ऐतिहासिक मंदिर के बारे में बहुत सारी जनश्रुतिया भी प्रचलित है। कार्तिक पूर्णिमा के दूसरे दिन यहां विशाल मेला लगता है।

ऐसी कहानी प्रचलित है कि वनवास के दौरान भगवान राम यहां आए थे और खुद से इस मंदिर का निर्माण किया था। 1983 से पहले इस मंदिर के गुंबज में सोने का त्रिशूल लगा हुआ था, जिसे डकैतों ने काट लिया। उफनती नदी के मुहाने पर जब डकैत सीढ़ी लगाकर मंदिर के गुंबद से सोने का त्रिशूल काट रहे थे। तब हजारों की संख्या में ग्रामीण चारों तरफ से डकैतो को घेरे हुए थे। ऊफनती नदी की धारा का फायदा उठाकर डकैत भाग निकले।  2015 में स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से इस मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ था। मंदिर के गुंबज पर पिछले वर्ष वज्रपात हुआ था। आसपास के इलाके के लोग दैवीय चमत्कार मानते हैं।

आधुनिकता के दौर में कहां गई डोली और कहां गए कहार

बदलते परिवेश और आधुनिकता ने अपनी पुरानी पहचान और संस्कृति को मानो काफी पीछे छोड़ दिया है जैसे बात करते हैं डोली का  आने वाले पीढ़ी डोली को  सिर्फ किताबों पर ही हमारे बच्चे जान सकते हैं । 



शादी विवाह में सामान ढोने के लिए बैलगाड़ी और दूल्हा दूल्हन के लिए ‘डोली‘ का चलन था। शेष बाराती पैदल चला करते थे। कई कई गांवो में किसी एक व्यक्ति के पास तब डोली हुआ करती थी। जो उसकी शान की प्रतीक भी थी। शादी विवाह के मौकों पर लोगो को पहले से बुकिंग के आधार पर डोली बगैर किसी शुल्क के मुहैय्या होती थी। बस ढोने वाले कहांरो को ही उनका मेहनताना देना पड़ता था।

जिसका दोनो तरफ का हिस्सा खिड़की की तरह खुला होता था। अंदर आराम के लिए गद्दे विछाये जाते थे। ऊपर खोखले मजबूत बांस के हत्थे लगाये जाते थे। जिसे कंधो पर रखकर कहांर ढोते थे। प्रचलित परंपरा और रश्म के अनुसार शादी हेतु बारात निकलने से पूर्व दूल्हे की सगी सम्बंधी महिलाएं डोल चढ़ाई रश्म के तहत बारी बारी दुल्हे के साथ डोली में बैठती थी। इसके बदले कहांरो को यथा शक्ति दान देते हुए शादी करने जाते दूल्हे को आशीर्वाद देकर भेजती थी। दूल्हें को लेकर कहांर उसकी ससुराल तक जाते थे। 

इस बीच कई जगह रूक रूक थकान मिटाते और जलपान करते कराते थे। इसी डोली से दूल्हे की परछन रश्म के साथ अन्य रश्में निभाई जाती थी। अगले दिन बरहार के रूप में रूकी बारात जब तीसरे दिन वापस लौटती थी तब इस डोली में मायके वालों के बिछुड़ने से दुखी होकर रोती हुई दुल्हन बैठती थी। ओर रोते हुए काफी दूर तक चली जाती थी। जिसे हंसाने व अपनी थकान मिटाने के लिए कहांर तमाम तरह की चुटकी लेते हुए गीत भी गाते चलते थे।

तेजी से बदलकर आधुनिक हुए मौजूदा परिवेश में तमाम रीति रिवाजांे के साथ डोली का चलन भी अब पूरी तरह समाप्त हो गया।

सिपला व डॉ प्रभात रंजन के सौजन्य से राष्ट्रीय लेवल का कोविड-19 बचाव सीएमई का आयोजन

सिपला व डॉ प्रभात रंजन डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर पटना के सौजन्य से राष्ट्रीय लेवल का कोविड-19 बचाव सीएमई का किया गया आयोजन


कोविड19 जागरूकता में बिहार ही नहीं पूरे देश में ख्याति अर्जित करने वाले चिकित्सक डॉक्टर प्रभात रंजन ।  डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर के प्रमुख डॉ प्रभात रंजन व सिपला के संयुक्त तत्वाधान में आज राष्ट्रीय लेवल का कोविड-19 चिकित्सक जागरूकता  वर्चुवल सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें बिहार समेत देश भर के 170 चिकित्सकों ने गूगल मीट के माध्यम से जुड़कर जानकारी बचाव और सुझावों पर चर्चा की।

गूगल मीट के माध्यम से जुड़े चिकित्सकों को संबोधित करते हुए, डॉ प्रभात रंजन ने कोविड से बचाव चुनौती और समाधान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने करो ना के मरीजों को ठीक करने के अपने अनुभव बताए इस क्रम में उन्होंने स्टेरायड एवं अन्य दवाओं के इस्तेमाल पर चर्चा की। उन्होंने लंग फाइब्रोसिस की बीमारी पर विस्तार से चर्चा की। गोवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर प्रशांत इ नाटेकर,  कुवैत के डॉक्टर महमूद वेंकट श्रीधर, डॉक्टर नवादिया, बेंगलुरु के डॉ शशि कला,  रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर ब्रजेश कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

Sunday, November 29, 2020


हाजीपुर। व्यवहार न्यायालय हाजीपुर जिला विधिज्ञ संघ भवन में अधिवक्ता राजकुमार दिवाकर की अध्यक्षता एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा हरेश कुमार सिंह के संचालन में कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान पर आम लोगों से कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई। अध्यक्षता करते हुए अधिवक्ता राजकुमार दिवाकर ने कहा कि हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा स्नान का विशेष महत्व हैअध्यात्म के दृष्टिकोण से कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से लोगों को पाप से मुक्ति एवं मोक्ष की प्राप्ति जैसी मान्यता है। 

कार्यक्रम का संचालन करते हुए भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा हरेश कुमार सिंह ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से बचाव के लिए मांस सैनिटाइजर एवं सामाजिक दूरी बनाए रखना स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक है। इसे ध्यान रखते हुए गंगा स्नान हेतु आने वाले श्रद्धालु सामूहिक स्नान से बचें तथा भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए गाइडलाइन का समुचित पालन करें। 

अधिवक्ता हरे कृष्ण झा, मुकेश रंजन ने कहा कि बिहार के देव भूमि कौन - हारा हाजीपुर सिमरिया घाट रिविलगंज घाट इत्यादि जगहों पर सदियों से गंगा स्नान हेतु श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाते रहे हैं, किंतु वर्ष 2020 वैश्विक कोविड-19 का वर्ष है। इसलिए आस्था के साथ अपने एवं अपने परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए धार्मिक, सामाजिक उत्सवों को मनाएं। इस अवसर पर अधिवक्ता राजीव राय, अनीशचंन्द्र गांधी, विनय कुमार झा, अरविंद कुमार, अरविंद कुमार ओझा, उत्तम कुमार माथुर, लक्ष्मी नारायण हिमांशु आदि ने भी श्रद्धालुओं से सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन करने का आग्रह किया।

32 बिहार बटालियन एनसीसी मुजफ्फरपुर के तत्वाधान में वेबीनार का आयोजन



32 बिहार बटालियन एनसीसी मुजफ्फरपुर के तत्वाधान में बिहार  एवं झारखंड एनसीसी निदेशालय की ओर से एक वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसमें  संविधान दिवस को बहुत ही अनोखे  ढंग से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मेजर जेनरल एम इन्द्रबालन के संबोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को हमारे संविधान के बारे में जानना बहुत जरूरी है ताकि देश के सर्वांगीण विकास में वे भागीदारी निभा सकें। वेबीनार के वक्ताओं का उनहोंने संक्षिप्त परिचय दिया और बिहार और झारखंड के कैडेट को संविधान के प्रति आस्था बढाने के साथ साथ इसे जन जन तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया। लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम की प्रथम वक्ता डाॅ रितु भारद्वाज ने संविधान के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और  मूल अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। 

  

डॉ रितु भारद्वाज जो सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली में अधिवक्ता है और बार एसोसिएशन के सदस्य भी हैं।  उन्होंने मौलिक अधिकार के बारे में लोगों को बताया साथ ही उन्होंने यह जोर देकर कहा कि अधिकार के साथ-साथ हमें अपने कर्तव्यों की भी जानकारी होनी चाहिए और उन कर्तव्यों का पालन करना हम सबकी उतनी ही जिम्मेदारी है। एनसीसी कैडेट में युवा वर्ग होते हैं और अगर उन्हें संविधान के बारे में सही सही जानकारी समय से हो जाए तो आगे चलकर देश को इसका बहुत लाभ होगा । नए पीढ़ी को संविधान के बारे में समझना बहुत जरूरी है और इसी के माध्यम से देश में कानून व्यवस्था सही हो सकती है । उन्होंने कहा कि आज भी देश में बहुत ऐसे लोग हैं जिन्हे अपने मौलिक अधिकारों के बारे में जानकारी नहीं है।  इसके लिए यह आवश्यक है कि शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए और युवा वर्ग लोगों को जागरुक करे। 

द्वितीय वक्ता कर्नल रोहित देव, सेवा निवृत्त जो एक रक्षा विशेषज्ञ भी हैं ने दिल्ली से  अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी देश का सबसे बड़ा संगठन है जो देश की युवा पीढ़ी को एकता और अनुशासन के सुत्र में बांधकर रखता है।  कैडेटों द्वारा किए गए सामाजिक गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि एनसीसी का प्रशिक्षण लेकर वे जिस किसी क्षेत्र में जाते हैं बहुत ही  अच्छा प्रदर्शन करते हैं।  संविधान की प्रसंशा करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें बहुत ही लचीलापन है और जरूरत के अनुसार समय समय पर हम संशोधन ला सकते हैं। 

कार्यक्रम के अन्त में लेफ्टिनेंट कर्नल ए के सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस वेबीनार में बिहार और झारखंड से हजारों कैडेट ने गुगल मीट, यूट्यूब और फेसबुक के माध्यम से जूडकर इसका लाभ उठाया17 नवम्बर को देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के द्वारा संविधान दिवस को मनाए जाने के लिए शुरआत की गई और 13 दिसम्बर तक पूरे देश में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

स्व० यमुना चौधरी की पुण्यतिथि पर कलाकारों और पत्रकारों को मिला सम्मान


पटना : पटना के कालीदास रंगालय सभागार में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवा निवृत गव्य विशेषज्ञ स्व० यमुना चौधरी जी की 15वी पुण्यतिथि के अवसर पर बिहार कलाश्री पुरस्कार परिषद एवं बिहार कला व सांस्कृतिक विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में सम्मान समारोह सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पटना उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश श्री राजेन्द्र प्रसाद ने स्व० यमुना चौधरी के तैल्यचित्र पर पुष्प अर्पित एवं द्वीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत संतोष कुमार तुफानी ने भक्ति वन्दना गाकर किया। 

वहीं इस कार्यक्रम में सुंदर वस्त्रों में सुसज्जित सारिका अखौरी सहयोगी महिला कलाकारों ने कजरी नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। साथ ही कार्यक्रम मे आये उदयन झा, इन्दू कुमारी, मीनी राय, निहारिका कृशं अखौरी, धीरज कुमार, सुरेश प्रसाद मेहता सहित अन्य कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों से खुब तालियां बटोरी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उपरांत सम्मान वितरण किया गया। बिहार आयुर्वेद चिकित्सा शिरोमणि डॉ०सुनील कुमार दूबे को, बिहार कला रत्न संतोष कुमार, ओम प्रकाश, राजू मिश्रा, स्वेत प्रीति को, तथा बिहार समाज सेवा रत्न मुकेश कुमार सिंह उर्फ बब्लू को। 

पत्रकारिता के क्षेत्र में बेहतर कार्य हेतु बिहार पत्रकारश्री का सम्मान संजय वर्मा, प्रेम कुमार, दिनेश कुमार, आकाश कुमार को दिया गया। साथ ही साथ शिक्षा के क्षेत्र में उतकृष्ट कार्य के लिए बिहार शिक्षा रत्न का सम्मान डॉ० दिलीप कुमार प्रसाद, डॉ० संजू कुमारी,डॉ० माधवी प्रभा सिंह और डॉ० रंजन कुमार को दिया गया। वही विभिन्न कला से संबंधित बिहार कलाश्री सम्मान फिल्मों मे श्रेष्ठ अभिनय निर्देशन करने के लिए निर्मल कुमार उर्फ शशि शर्मा को दिया गया। इसके अलावा बिहार कलाश्री का सम्मान सुश्री मीनी राय,इन्दू कुमारी, सोनाली कुमारी, सन्नी कुमार, सुश्री मुन्नी कुमारी तथा उदय न झा को दिया गया।

कार्यक्रम मे आये मुख्य अतिथि पटना उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता उपेंद्र प्रसाद, उच्च न्यायालय के ही अधिवक्ता वीणा जयसवाल, बिहार आर्ट थियेटर के जेनरल सेक्रेटरी अरूण सिन्हा, भाजपा के प्रवक्ता डॉ० विनोद शर्मा, जदयू के वरीय नेता सुमन कुमार मलिक एवं भानू जी सहित हम पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता ई अजय यादव ने भी संवोधित किया। इस भव्य सास्कृतिक कार्यक्रम के संयोजक विनोद पंडित थे।  समारोह में आये आगंतुक अतिथियों का स्वागत एवं अध्यक्षता विश्व मोहन चौधरी "सन्त" ने तथा इस कार्यक्रम मे संपूर्ण उदघोषणा शिल्पी मित्रा ने किया।

मोहम्मद अजीज की पुण्यतिथि पर ‘ई हमार चुनौती बा’ का पोस्टर लांच


पटना : 27 नवंबर : ओम हरी संगति फिल्म्स प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी भोजपुरी फिल्म "ई हमार चुनौती बा" का पोस्टर लांच मोहम्मद अजीज साहब की पुण्यतिथि के अवसर पर कालिदास रंगालय पटना में संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रेडियो मिर्ची आरजे शशी, मुखिया संघ अध्यक्ष सारण के श्री मिथिलेश राय, मिसेज एशिया यूनीवर्स 2020 और मिसेज इंडिया सीइज इंडिया की विजेता रिचा कुमारी, वरुण सिंह (कला संस्कृति प्रकोष्ठ बिहार भाजपा), मनीष महिवाल (एंकर अभिनेता), अनिल राज( नृत्य निर्देशक), बृजेश पाठक ( निर्देशक), सत्येंद्र स्वामी (निर्देशक ), आलोक कुमार (बिल्डर ) मौजूद थे। मोहम्मद अजीज की पुण्यतिथि के अवसर पर भोजपुरी फिल्म हमार चुनौती बा के पोस्टर का अनावरण किया गया। इस फिल्म में मोहम्मद अजीज का आखिरी गाना भी है।

कला संस्कृति प्रकोष्ठ भाजपा अध्यक्ष वरुण सिंह ने कहा कि इस फिल्म के लिये सभी कलाकारों को बधाई देता हूं कि उन्होंने पूरी शूटिंग बिहार में की है! मुखिया संघ अध्यक्ष सारण के श्री मिथिलेश राय ने वादा किया है कि भोजपुरी समाज और भोजपुरी फिल्म के लिए जो भी बन सकेगा करेंगे। रिचा कुमारी ने फिल्म की टीम को बधाई एवं शुभकामना दी है। कार्यक्रम में फिल्म के हीरो बसंत कुमार मंच का संचालन किया। अभिनेत्री बबली कुमारी ने मंच पर अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम में इस कार्यक्रम आरजे शशी ने मोहम्मद अजीज के साथ बिताए पलों को साझा किया।

उन्होंने बताया कि मोहम्मद अजीज साहब गायक के साथ-साथ एक दिलदार व्यक्ति भी थे। आयोजन में इस फिल्म के मुख्य कलाकार, अक्षय राज, निशा सिंह ,बसंत कुमार, आशिका राज, भावना शर्मा, बबली कुमारी, प्रवीण सप्पू,  मुन्ना टाइगर, विनय बेताबी, अंशु दीवाना, अशोक कुमार, ऋतुराज, आजाद लाडला, बिट्टू, सनी मौर्या, अशोक गोस्वामी, मोतीलाल चौधरी, आलोक कुमार के साथ-साथ पटना के भी कई कलाकार मौजूद थे। फिल्म के कथा राकेश कुमार रंजन, पटकथा:- नन्ने पांडे, गीत:- विनय बिहारी, पंकज परदेसी मारधाड़ :- अंशु दीवाना, नृत्य:- विनय बेताबी, कैमरा :-विकास पांडे एडिटर:- योगेश पांडे कार्यकारी निर्माता राम इकबाल प्रसाद हैं।

वेतन की समस्या को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल का ज्ञापन


राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल वेतन की समस्या को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी वैशाली के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष त्रिवेणी कुमार, कार्यकारी जिलाध्यक्ष अजीत कुमार राकेश, संगठन मंत्री राजेश कुमार एवं जिला सचिव धीरज कुमार शामिल थे।

वैश्विक महामारी कोरोना से लोग त्रस्त हैं। भारत सरकार द्वारा किसी भी परिस्थिति में वेतन नहीं रोकने का दिशानिर्देश जारी किया जा चुका है। किंतु वैशाली जिला में शिक्षकों को विगत छः माह से वेतन नहीं मिलना बहुत ही खेदपूर्ण है। उक्त जानकारी देते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ वैशाली के जिला सचिव धीरज कुमार ने कहा कि दशहरा, दिवाली, छठ एवं ईद जैसे महापर्व में भी विगत छः माह से वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षक भूखमरी के कगार पर हैं।

ऐसी स्थिति में विभाग द्वारा  जानबूझकर देरी करना शिक्षकों के प्रति अमानवीय व्यवहार को दर्शाता है जिसका राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ पूर्ण विरोध करता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, वैशाली ने जिला शिक्षा पदाधिकारी वैशाली को पत्र लिखकर अवगत कराते हुए कहा है कि वैशाली जिला में जी० ओ० बी० से वेतन प्राप्त करने वाले  नियमित शिक्षकों का सितंबर 2020 से एवं नियोजित नगर शिक्षकों का जुलाई 2020 से तथा नियोजित प्रखंड एवं पंचायत शिक्षकों का अक्टूबर 2020 से वेतन बाधित है। विभागीय उदासीनता ने छः माह से वेतन नहीं मिलने के कारण वैशाली जिला के वेतनभोगी शिक्षकों को भिखारी बनाकर छोड़ दिया है । जो अत्यंत खेदजनक है। श्री कुमार ने पत्र में कहा कि पर्व-त्योहार में भी वेतन के अभाव में शिक्षकों के घर परिवार में मातम की स्थिति बनी हुई है।  

ऐसी आर्थिक संकट की स्थिति में शिक्षक दर दर की ठोकर खाने को मजबूर हैं। किसी भी कर्मी का वेतन नहीं रोकने का भारत सरकार का स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद वैशाली जिला के नियमित एवं नियोजित नगर शिक्षकों का वेतन बाधित करना अत्यंत निन्दनीय और नैसर्गिक न्याय के खिलाफ है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ इसका घोर विरोध करता है। ऐसे में शिक्षकों एवं उनके परिवार के साथ किसी भी तरह की अप्रिय दुर्घटना की सारी जबावदेही संबंधित विभाग की होगी। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी वैशाली से शिक्षकों का वेतन भुगतान एक सप्ताह के अंदर कराने मांग करते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के अंदर शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं होता है तो महासंघ आंदोलन करने को बाध्य होगा। 

"केन्द्र सरकार कर्मचारियों के साथ अपना रही है दोहरा माप दंड, लागू करना होगा पुरानी पेंशन नीति." - शैलेश'.

 "राजग सरकार की आर्थिक औद्योगिक नीतियाँ मजदूर विरोधी." - " देश के विकास में डाक कर्मचारियों का अमूल्य योगदान" -'शैलेश'



समस्तीपुर : केन्द्रीय नेतृत्व के आह्वान पर अपने 22 सूत्री मांगों के समर्थन में 'संयुक्त डाक संघर्ष समिति' के बैनर तले अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ तृतीय श्रेणी, एमटीएस,ग्रामीण डाक डाक सेवकों के द्वारा आज प्रधान डाकघर के मुख्य द्वार पर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष श्री चंदेश्वर प्रसाद कुँवर की अध्यक्षता में एक दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया गया, संचालक प्रवक्ता शैलेश कुमार सिंह थें। जीडीएस  संघ का नेतृत्व सचिव इंद्रदेव राय ने किया। हड़ताल के परिणाम स्वरूप सममस्तीपुर प्रधान डाकघर समेत जिले की तमाम डाक सेवाएँ ठप्प रही तथा सभी डाकघरों में ताले लटके पाये गए। वक्ताओं ने केन्द्र सरकार की नीतियों का जम कर विरोध किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के प्रवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों और वादा खिलाफी का जमकर विरोध किया। 

श्री सिंह ने संगठन की चिर लंबित मांगों की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि देश पर आर्थिक बोझ का बहाना बनाकर जहां एक ओर भाजपा नीत राजग सरकार ने वर्ष 2004 में  01 लीं जनवरी से सरकारी कर्मचारियों का जो चाहे केन्द्र सरकार कर्मी हों या राज्य सरकार कर्मी हों, का पेंशन का प्रावधान समाप्त कर दिया तो दूसरी ओर समाज सेवा के नाम पर सांसद, विधायक, विधान पार्षदों समेत महत्वपूर्ण पदों पर आसीन जन प्रतिनिधियों का पेंशन लागू कर दोहरे मापदंड का परिचय दिया, जिस कारण 60 साल की विभागीय सेवा के पश्चात सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृति पर स्वयं और परिवार के भरण-पोषण के लिए प्रत्येक माह पेंशन के रूप में मिलने वाली मासिक राशि से वंचित कर दिया गया। तो दूसरी ओर समाज सेवा के नाम पर पदासीन होने वाले सांसद, विधायक,विधान पार्षद जैसे महत्वपूर्ण पदों पर निर्वाचित होने वाले जनप्रतिनिधियों पेंशन शुरू कर दिया गया और इतना ही नहीं वैसे जन प्रतिनिधि जो एक दिन के लिए भी वर्तमान पदों के साथ अन्य ऐसे पदों पर निर्वाचित हुए हो, उन्हें सभी पदों का अलग-अलग पेंशन संयुक्त रूप से मिलने का प्रावधान बना दिया है जो सरकार के दोहरे माप-दंड का परिचायक है।

सरकार की इस नियत को समस्त डाककर्मी और देश की समस्त जनता जानना चाहती है। इस काले कानून को सरकार अविलंब वापस ले और पुरानी पेंशन नीति लागू करे। श्री सिंह ने आगे कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में डाककर्मियों ने लोगों को समस्त डाक सेवा के साथ-साथ अन्य मूलभूत सेवा/सहायता दी है, वैसे तम्माम साथियों के प्रति यह संगठन आभार प्रकट करता है, किन्तु वर्तमान भाजपानीत राजग सरकार ऐसे विषम परिस्थिति में 'कोरोना' से प्रभावित होने के कारण कार्यालय से अनुपस्थित रहने वाले डाककर्मियों पर की जा रही दमनात्मक कार्यवाही सरकार की असंवेदनशीलता दर्शाती है, जिसका यह संगठन विरोध करता है। श्री सिंह ने आगे कहा कि संगठन 'कोरोना' से मरने वाले सभी विभागीय/जीडीएस डाककर्मियों के परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये अनुग्रह-राशि के अविलंब भुगतान की मांग करता है।श्री सिंह ने संघ की लंबित मांगों में शामिल वर्षों से खाली पड़े सभी रिक्त पदों को अविलंब नव-नियुक्ति कर भरना, ग्रुप-बी और उच्चाधिकारियों को पूरे सेवाकाल में मिलने वाली 05 समयबद्ध पद्दोन्नति की तर्ज पर सभी स्तर के कर्मचारियों को 05 पद्दोन्नति का लाभ दिया जाना, समाज के अंतिम व्यक्ति तक डाक सेवा उपलब्ध कराने वाले डाक सेवकों को सरकारी कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करना और सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर सभी सरकारी सुविधा का लाभ देना, पद्दोन्नति अनुक्रम में एम ए सी पी लागू करना एवं एल डी सी के वेतनमान में बढ़ोतरी करना, समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित करना,सेवा काल में मृतक डाक कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर 05 प्रतिशत की जगह शत-प्रतिशत बहाल करना, आउट शोर्सिंग और कॉन्ट्रक्ट पर बहाली बन्द कर कैजुअल लेबर तथा कंटीजेन्ट पेड कर्मचारियों को नियमित करना, 07 वें वेतन आयोग की समस्त कर्मचारी समर्थित अनुशंसा को हूँ-बहू लागू करना तथा विगत दो वर्ष पूर्व रद्द (बन्द) किए गए कर्मचारियों के  52 प्रकार के भत्ते को पुनः चालू करना है ।

श्री सिंह ने आगे कहा कि हमें अपनी चिर-लंबित मांगों के समर्थन में बाध्य होकर हड़ताल पर जाना पड़ा है और सरकार द्वारा हमारी सभी जायज मांगों को अविलंब पूरा नही किये जाने की स्थिति में हमें बाध्य होकर पुनःअनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाना पड़ सकता है, जिसकी सारी जवाबदेही सरकार की होगी,हम डाक कर्मचारियों की नही होगी।  मौके पर सर्वश्री चंदेश्वर प्रसाद कुँवर (प्रांतीय अध्यक्ष ), ओम प्रकाश सिंह (सचिव,पी-3), दिलीप कुमार, बासुदेव सिंह, अशोक पांडेय,रजनी कांत गिरी, पंकज कुमार मिश्र, संजय झा, संजीव झा,इंद्रदेव राय (सचिव, जीडीएस), धर्मेंद्र कुमार, राकेश कुमार, रमेश कुमार सिंह, वैद्यनाथ पासवान, सुरेश सिंह, मंजू कुमारी, अर्चना, अशोक मिश्र, कुमार धीरज, मृत्युंजय कुमार, अभिषेक मिश्र समेत सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित थें।

ब्रह्मर्षि समाज ने हमेशा राष्ट्र को प्रथम माना त्याग और बलिदान किया


ब्रह्मर्षि विकास मंच फेडरेशन के निरंतर बढ़ते कदम ने समाज को एक नया आयाम दिया है। लंबे समय से चल रहे समाज को एकजुट करने के साथ युवाओं को मार्गदर्शन करते हुए रोजगार युक्त बनाने में कामयाब हो रहे हैं। इसी क्रम में वैशाली जिले के दिलावरपुर ग्राम में माँ जगदम्बा के प्रांगण में ब्रह्मर्षि विकास मंच फेडरेशन के बैनर तले ब्रह्मर्षि सम्मेलन के माध्यम से मंच के पदधिकारियों का ग्रामीण द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। जिलाध्यक्ष सुुुुजीत भारद्वाज के नेतृत्व मेंं सूर्य मंदिर के प्रांगण में किया गयाा।

मंच के प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर नारायण सिंह के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ रहा है और अपनी एक अलग पहचान बना रही है। पुष्कर नारायण सिंह ने कहा कि ब्रह्मर्षि समाज का त्याग और बलिदान कि अपनी आदर्श इतिहास रहा है। यह समाज वर्तमान समय में अपने पथ से भटक गया है, जिस कारण समाज का विकास अवरुद्ध हो गया है। समाज के युवा वर्ग को विकृतियां छोड़कर समाज एवं देश के उत्थान के लिए शिक्षित और जागरूक होकर देश की सेवा और समाज की सेवा करना चाहिए।

ब्रह्मर्षि विकास मंच फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर नायक सिंह ने कहा कि समाज के युवाओं को अपने पूर्वजों के इतिहास से सीख लेनी चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि हमें प्रथम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह, रामधारी सिंह दिनकर, रामवृक्ष बेनीपुरी, रामदयालु सिंह, सहित अन्य महापुरुषों से प्रेरणा ग्रहण करने का आह्वान किया। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी कटुता भेदभाव भुलाकर नशा सेवन नहीं करने पढ़ने और संस्कारवान करने की अपील की। इस अवसर पर ग्रामीणों के द्वारा अंग वस्त्र फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस्माइलपुर गांव स्थित मंदिर के प्रांगण में ग्रामीणों ने भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया था।

ब्रह्मर्षि विकास मंच फेडरेशन के बिहार प्रदेश अध्यक्ष श्री पुष्कर नारायण, प्रदेश सचिव श्री किशोर कुणाल, संगठन मंत्री श्री मंटू मयंक जी, धीरज सिंह, सुजीत भारद्वाज एवं अन्य पदधिकारियों द्वारा संगठन की विचारधारा से अवगत कराया गया। उसके बाद इस्माईलपुर ग्राम में सभी पदादिकरियों ने यज्ञ एवं अखंड कीर्तन में शिरकत किया एवं प्रसाद ग्रहण किया।

अभिजीत मुहूर्त हरकवती प्रिये है वहीं राहुकाल में कोई भी शुभकार्य प्रारंभ नही

 


आज का पञ्चाङ्ग----

आज का अंग्रेजी दिनांक:--29.11.2020

शुभसंवत् :---2077(प्रमादी) 

शके:---1942

याम्ययायन याम्यगोल:

ऋतु:---हेमंत

माह:---कार्तिक

पक्ष:---शुक्ल पक्ष

तिथि:---चतुर्दशी तिथि दिन 12:32 मिनट तक उपरांत पूर्णिमा तिथि

दिन:---रविवार

नक्षत्र :---कृतिका नक्षत्र

योग:---परिघ

करण:---व

सूर्योदय :---प्रातः 06:43

सूर्यास्त : संध्या 05:17

सूर्य :---वृश्चिक राशि में

चंद्रमा :--- मेष राशि में दिन 10:35 तक उपरांत वृष राशि में

आज का राहू काल संध्या :---04:30 बजे से संध्या:---06:00 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त:---दोपहर 11:36 से दोपहर 12:24 तक

नोट:--- कोई भी नया और शुभ कार्य जिस कार्य से चिरकाल तक लाभ लेना हो ऐसे प्रत्येक कार्य को अभिजीत मुहूर्त में प्रारंभ करना चाहिए यह अभिजीत मुहूर्त हरकवती प्रिये है वहीं राहुकाल में कोई भी शुभकार्य प्रारंभ नही करना चाहिए आज का पर्व त्यौहार,मुहूर्त व खास:---आज प्रदोष पूर्णिमा व व्रत पूर्णिमा होगा ।

💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

मेष राशि के जातकों के मन में भय का माहौल रहेगा।शत्रु आज आपको तंग कर सकते हैं। कामकाज में भी बहुत से चैलेंज सामने आएंगे। आज आप प्रतिक्रिया देने से बचें। अनुकूल समय आने पर जवाब देंगे तो बेहतर रहेगा। आर्थिक लिहाज से दिन मध्यम दर्जे का रहेगा।


🐂वृष

वृष राशि के जातक पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने कामकाज को अंजाम देंगे। पारिवारिक सहयोग भी आपको पूरा मिलेगा। जिनकी सहायता से सभी काम आसानी से पूरे हो जाएंगे। व्यापार-व्यवसाय में कोई नई बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिल सकते हैं‌। आर्थिक लिहाज से दिन अच्छा रहेगा।


👫🏻मिथुन

मिथुन राशि के जातक कर्तव्य निष्ठा के साथ अपने काम को पूरा करेंगे और प्रतिद्वंदी से आगे रहने का प्रयास करेंगे। व्यापार व्यवसाय को बढ़ाने के लिए कर्ज लेने की सोच रहे हैं, तो यह वक्त अनुकूल है। सेहत को लेकर आज सतर्क रहना बहुत जरूरी रहेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से समय अनुकूल है।

🦀कर्क

कर्क राशि के जातकों में आत्मविश्वास व बौद्धिक क्षमता कार्यक्षेत्र में सफलता दिलाने में सहायक बनेगी। काम की गुणवत्ता मान-सम्मान बढ़ाने वाली रहेगी। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन चाहने वाले लोगों के लिए भी समय उपयुक्त है। कमाई के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। सुख-संपत्ति बढ़ेगी।


🐅सिंह

सिंह राशि यह जातकों को दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। परिवारीजनों के साथ संबंध सुधरेंगे परंतु कार्यक्षेत्र में संघर्ष करना पड़ सकता है। आत्मविश्वास ही आपकी सफलता की कुंजी रहेगी। आर्थिक लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। निवेश करते समय धोखेबाज लोगों से सतर्क रहें।


👰🏼कन्या

कन्या राशि के जातकों के साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। जिसकी वजह से करियर में नई बुलंदियां पाने में कामयाब रहेंगे। बातचीत कौशल और दृढ़ संकल्प कमाई के ज्यादा अवसर प्रदान करेगा। छोटी यात्रा का योग भी आज बनता है। खर्च को नियंत्रित करने के प्रयास सफल रहेंगे।


⚖️तुला

तुला राशि के जातकों की नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना भी बन जाती है। अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से बातचीत के दौरान कठोर शब्दों के प्रयोग से बचना चाहिए, वरना झूठे अभिमान में छवि खराब होने की संभावना बन जाती है। आर्थिक लिहाज से दिन बहुत अच्छा रहेगा। लंबे समय के लिए धन का निवेश फायदेमंद रहेगा।

🦂वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जातकों का आत्मविश्वास व बौद्धिक क्षमता कमाल की रहेगी। कामकाज के लिए पेशेवर रवैया सफलता दिलाने वाला रहेगा। समाज की भलाई के लिए साहस के साथ सत्य का साथ देंगे। आपका कर्मठ व जुझारू व्यक्तित्व समाज में मान-सम्मान दिलाने वाला रहेगा। आर्थिक लिहाज से दिन बहुत अच्छा रहेगा। जेम्स एंड जूलरी में निवेश के अवसर प्राप्त होंगे।


🏹धनु

धनु राशि के जो जातक मल्टीनेशनल कंपनी या आयात निर्यात के व्यवसाय से जुड़े हैं, उनके लिए एक श्रेष्ठ दिन है। झूठे अभिमान से आज आपको बचना चाहिए। आर्थिक लिहाज से दिन अच्छा रहेगा, परंतु बड़े हुए खर्च आपकी बचत में सेंध लगा सकते हैं। बजट बनाकर जरूरी सामान पर ही धन खर्च करें।


🐊मकर

मकर राशि के जातक आत्मविश्वास के साथ नियम कायदों के अनुरूप कार्य करेंगे। सामाजिक रिश्ते करियर में सफलता दिलाने में सहायक बनेंगे। आज आपको आत्म सम्मान और अहंकार के बीच की सूक्ष्म रेखा को ध्यान में रखना चाहिए। आर्थिक लिहाज से दिन बहुत अच्छा है। सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने की संभावना है।


🍯कुंभ

कुंभ राशि के जातक लक्ष्य को निर्धारित करके उसको पाने के लिए पूर्ण रूप से समर्पित होकर कार्य करेंगे। त्वरित व साहसिक निर्णय व्यापार-व्यवसाय को विस्तार देने में सहायक रहेंगे। पवित्र स्थानों की यात्रा पर धन खर्च का योग बनता है। कमाई के लिहाज से दिन सामान्य है।

🐟मीन

मीन राशि के जातकों को कामकाज से जुड़े हुए सीक्रेट शेयर करने से बचना चाहिए। आज किसी पर भी आंख मूंदकर विश्वास ना करें। जानने वाले व्यक्ति से धोखाधड़ी की संभावना बन जाती है। आर्थिक लिहाज से दिन सामान्य रहेगा। दान,धर्म या धार्मिक क्रियाकलापों पर धन खर्च की संभावना है


          🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

आलेख:---

आचार्य नारायण जी ( M. A द्वय ज्योतिषाचार्य )

ख्याति प्राप्त ,अनेक सम्मान से सम्मानित ।

(वास्तु, कर्मकाण्ड व कुंडली परामर्श तथा सभी प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान कराया जाता है।

सम्पर्क सूत्र-8340427637,8809659165

जेनिथ कामर्स एकादमी ने मिसेज एशिया यूनिवर्स 2020 ऋचा कुमारी को किया सम्मानित


पटना, 28 नवंबर कामर्स के क्षेत्र में अग्रणी इंस्टीच्यूट जेनिथ कामर्स एकादमी ने मिसेज एशिया यूनिवर्स 2020 और मिसेज इंडिया सीइज इंडिया की विजेता ऋचा कुमारी को सम्मानित किया है। राजधानी पटना के बोरिग रोड स्थित जेनिथ कामर्स एकादमी की ओर से एक कार्यकम का आयोजन किया गया जिसमें ऋचा कुमारी को सम्मानित किया गया। जेनिथ कामर्स एकादमी के प्रबंध निदेशक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि ऋचा ने बिहार का नाम रौशन किया है।

सुनील कुमार सिंह ने ऋचा कुमारी मिसेज यूनीवर्स के लिये मिसेज एशिया यूनिवर्स के रूप में भारत का प्रतिनिधत्व करने जा रही है, जिसका फिनाले दिसंबर के अंतिम सप्ताह में होगा। मूल रूप से बिहार की राजधानी  पटना की रहने वाली ऋचा कुमारी ने बताया कि इस शो में विश्वभर से कई प्रतिभागी शिरकत कर रही हैं और उन्हें भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है जिसे लेकर वह बेहद रोमांचित महसूस कर रही है। ऋचा कुमारी ने बताया कि वह अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार के सभी सदस्यों को देती हैं, जिन्होंने उन्हें हर कदम सपोर्ट किया है।

सुनील कुमार सिंह ने कहा कि बिहारी प्रतिभा हर क्षेत्र में बेहतर है, बस ज़रूरत है उन्हें सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की है। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों एवं क्षेत्रों में कई लोग अपने स्तर पर निस्वार्थ भाव से निरंतर बिहार को एक बेहतर और समृद्ध राज्य बनाने को प्रयासरत हैं। उन्हीं लोगों को प्रोत्साहित एवं उनके द्वारा बिहार और समाज के लिए किये जा रहे सराहनीय काम को सम्मान देने के लिये वह विभूतियों को संस्था की ओर से प्रतीक चिह्न देकर उन्हें सम्मानित करते रहे हैं। इस अवसर पर रेड रती के डायरेक्टर मास्टर उज्जवल, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा दिल्ली पंजीकृत पटना की अध्यक्ष अचला श्रीवास्तव, चाइल्ड मॉडल लाडो बानी पटेल, पटना रागिनी पटेल ने भी ऋचा कुमारी को फूलबुके देकर सम्मानित किया।

अप्रशिक्षित शिक्षकों की बर्खास्तगी बदले की कार्रवाई - संघ

★अगर आरटीई का अनुपालन इतना ही बाध्यकारी तो ढाई लाख से अधिक शिक्षकों के रिक्त पदों के लिए जिम्मेवार व्यक्ति पर कार्रवाई क्यो नही:- प्रेमशंकर सिंह


दिनांक : 28 नवंबर 2020 : हाजीपुर : सूबे के अप्रशिक्षित शिक्षको के ऊपर बर्खास्तगी के कार्रवाई का टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ (गोपगुट) वैशाली इकाई ने तीखा विरोध किया है तथा नीतीश सरकार पर आरोप लगाया है कि विगत विधानसभा चुनाव में शिक्षक-कर्मचारियों के द्वारा एनडीए विरोधी मतदान पर सरकार आरटीई के बहाने बदले की कार्रवाई कर रही है।

टीईटी-एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ (गोपगुट) वैशाली के जिला अध्यक्ष  प्रेमशंकर सिंह ने कहा कि अगर आरटीई इतना ही बाध्यकारी है तो फिर बिहार में ढाई लाख से अधिक शिक्षको के पद रिक्त रहने के लिए जिम्मेवार व्यक्तियों पर कार्रवाई क्यो नही ? ज्ञातव्य हो कि आरटीई के प्रावधानों के आलोक में इन सभी रिक्तियों को 31 मार्च 2015 तक ही भर लिया जाना था। उन्होंने कहा कि चाहे बहाली की बात हो, टीईटी शिक्षकों को पूर्ण वेतनमान की बात हो, कोई अन्य अधिकार की बात हो या समय से वेतन की बात हो, उस वक्त सरकार के लिए आरटीई समेत तमाम नियम कानून किसी काम के नही होते लेकिन शिक्षकों पर जब कार्रवाई करनी होती है तो आरटीई को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है। 

संघ के उपाध्यक्ष विमलेश कुमार सिंह, जिला सचिव संजीव कुमार, जिला कोषाध्यक्ष रणविजय कुमार, जिला संयोजक दिनेश कुमार ओझा और जिला मीडिया प्रभारी राजेश कुमार पासवान ने कहा कि बहाली के दस- दस वर्ष बाद तक प्रशिक्षण की उचित व्यवस्था नही कर पाने के लिए सरकार जिम्मेवार है। लगभग 10 साल या इस से भी अधिक समय से पढ़ाने के बाद आज वह अचानक अप्रशिक्षित हो गए हैं हकीकत यह है कि जिन्हें अप्रशिक्षित कह कर निकाला जा रहा है वे कहीं ना कहीं प्रशिक्षण ले चुके हैं बस उनका परीक्षा फल समय पर नहीं आया है जिसके लिए वह कहीं से भी जिम्मेदार नहीं हैं। अतः उनके ऊपर कार्रवाई के बदले सहानुभूतिपूर्वक कदम उठाते हुए प्रशिक्षण पूरा करने के लिए एक और मौका देते हुए प्रशिक्षण पूर्ण करने की डेडलाइन को बढ़ाया जाए अन्यथा सरकार के इस भयादोहन की नीतियों के विरुद्ध न्याय के लिए न्यायालय से  सड़क तक सँघर्ष तेज होगा।

★ बहाली के दस वर्षों तक प्रशिक्षित नही करा पाने के लिए सरकार जिम्मेवार, बढाई जाए प्रशिक्षण पूर्ण करने की डेडलाइन, *सरकार के दमन से नहीं डरने वाले शिक्षक न्याय के लिए सड़क से न्यायालय तक संघर्ष होगा तेज।

01 ईंट 01 रु0 के 01 देवालय व शिक्षालय से 01 गांव गोरसरा शुक्ल बना राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र

---पौराणिक परम शक्ति मां काली व समया देवी का सिद्ध मंदिर।

---सामाजिक सौहार्द व नशामुक्त गांव।



विक्रमजोत, बस्ती। पौराणिक परम शक्ति मां काली व समया देवी के सिद्ध मंदिर व सामाजिक सौहार्द एवं नशामुक्त गांव गोरसरा शुक्ल अचानक पीडब्ल्यूएस परिवार द्वारा 01 ईंट 01 रु0 से 01 शिक्षालय के स्थापना की घोषणा से राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया है।

   जानकारी के अनुसार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ अयोध्या से मात्र 19 किमी की दूरी पर स्थित गोरसरा शुक्ल व रमहटिया को पीडब्ल्यूएस परिवार ने अपने महाअभियान देवालय से सामाजिक व शिक्षालय से राष्ट्रीय वैचारिक महाक्रान्ति हेतु चयनित किया है। 

बता दें कि परम शक्ति माँ काली व समया देवी सिद्ध स्थल गोरसरा शुक्ल की श्रीमती इंदुमती देवी जी ने पीडब्ल्यूएस परिवार के उपरोक्त महाअभियान हेतु भूमि दान की है। दान की इसी भूमि पर पीडब्ल्यूएस परिवार अपने केंद्रीयकृत आस्था केंद्र के रूप में देवालय व शिक्षालय की स्थापना करेगा। इस बावत संस्था के संस्थापक प्रबन्धक आर के पाण्डेय एडवोकेट ने बताया कि पूर्णतया लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर आधारित जनता के लिए जनता के द्वारा जनता के कार्यक्रम के तहत राष्ट्रभक्त हिंदुस्तानी नागरिकों के मात्र 01 ईंट 01 रु0 के योगदान से स्थापित होने जा रहे।

देवालय व शिक्षालय की घोषणा के बाद से प्रयागराज, जयपुर, भोपाल, मुम्बई, कलकत्ता आदि शहरों सहित पूरे भारत वर्ष में यह गांव गोरसरा शुक्ल राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया है। अपने लक्ष्य का खुलासा करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी व हाई कोर्ट इलाहाबाद के अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने बताया कि पीडब्ल्यूएस परिवार का एकमात्र लक्ष्य समाज के जरूरतमंद निर्धन व बेसहारा लोगों को समुचित सहायता तथा सभी निर्धन व बेसहारा बच्चों को उत्तम व निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

#बड़वाघाट_मेला #अपना_गाँव

आस्था व परंपरा की परिपाटी से जुड़े छपरा जिले के मशरख प्रखण्ड के अरना पंचायत मे घोघारी नदी के तट पर विगत डेढ़ वर्ष से भी ज्यादा समय से कार्ति...