Thursday, August 29, 2019

किस-किस से संघर्ष करेंगी, नव नियुक्त जिलाधिकारी वैशाली उदिता सिंह


वैशाली की नई जिलाधिकारी उदिता सिंह
वैशाली की नई जिलाधिकारी उदिता सिंह
जिस तरीके से वैशाली के लोगों ने जिलाधिकारी के बदलने के साथ ही उदिता सिंह को जिला अधिकारी के रूप में देखते हुए खुशी जाहिर की है, यह इसबार बड़ा आश्चर्य दिखा। यह कैसी खुशी जाहिर करने का या कैसी खुशी पाने के लिए लगातार बधाइयों का तांता लग रहा है। अच्छा लगता है कि लोग सक्रिय हैं और जिला के प्रति जिम्मेदारियों को भी समझते हैं। लेकिन प्रशासनिक उदासीनता वैशाली के साथ कितनी लंबी है, शायद इसे पाटना बहुत मुश्किल होगा। बहुत लंबे समय से आम आदमी यही उम्मीद लगाता है की वैशाली को विकसित लोकतांत्रिक वैशाली बनाने में अपनी भूमिका निभाया। दुर्भाग्य है कि आज तक ऐसा कोई भी जिलाधिकारी वैशाली में नहीं आया, जो यह महसूस करता हो। यह लोकतंत्र की जननी भूमि है और अगर यहां लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम करने में हम सफल हुए, तभी इस देश में लोकतंत्र की स्थापना हो सकती है। सिर्फ गाहे-बगाहे फेसबुक पर लिखने से वैशाली में लोकतंत्र की स्थापना नहीं हो सकती। लोकतंत्र के नाम पर जिस तरीके से गुमराह किया जाता है, राजनेताओं द्वारा, प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा, यह वैशाली का अपमान है। यह बात समझने की जरूरत है कि जिस राह पर यहां के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक तंत्र चलती या संचालित होती है, वह लोकतंत्र के लिए शुभ न था, ना रहा है और न रहेगा। इसलिए उदिता सिंह जो नव नियुक्त जिला पदाधिकारी के रूप में वैशाली आ रही हैं, इतनी आसान नहीं होगी जितना वह समझ रही है।
बहुत आसाननगर नहीं होगा वैशाली का सफल उदिता सिंह के लिए
बहुत आसाननगर नहीं होगा वैशाली का सफल उदिता सिंह के लिए

 एक जिला पदाधिकारी एक जिले का मालिक कहा जाता है, परंतु यह जिला से ज्यादा कहीं महत्व रखता है। अपने लोकतांत्रिक गरिमा को लेकर वह लोकतांत्रिक गरिमा जिसे आज से लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व स्थापित की गई थी। लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने एवं बचाए रखने के लिए यह आवश्यक है, की वैशाली का जिलाधिकारी सबसे पहले खुद लोकतांत्रिक हों। वैशाली का जिलाधिकारी सबसे पहले वैशाली को समझें। वह समझे की वैशाली सिर्फ लोकतंत्र की जननी नहीं है। यह वैशाली लोगों के द्वारा बनाई गई परंपराओं का सृजनहार है। वैशाली में 3 लोकसभा क्षेत्र, 8 विधानसभा क्षेत्र के साथ चार नगर परिषद व नगर पंचायत, 288 पंचायत, जिला परिषद एवं अन्य प्रकार के जनप्रतिनिधियों का एक बड़ा समूह है। लेकिन वैशाली को राजनेताओं और प्रशासनिक पदाधिकारियों की दलाली ने आजादी के 73 वर्षों के बाद भी लोकतांत्रिक नहीं बना पाई। आज वैशाली की स्थापना का 47 वर्ष हो चुके हैं। लेकिन लगभग 5 दशकों में वैशाली के जिला अधिकारी के रूप में जो भी लोग हैं, वह सिर्फ लोकतंत्र की भूमि के नाम पर माथा टेक कर और लोकतंत्र को पैरों तले कुचल कर, राजनेताओं की चाटुकारिता में वैशाली को निर्मित ही ना होने दिया। किन-किन का नाम लिया जाए। लेकिन वैशाली की हर जनता सिर्फ इसलिए चुप है, क्योंकि लोकतंत्र के नाम पर हमें चुप करा दिया जाता है। लेकिन लोग यह नहीं जानते कि जिस लोकतंत्र को देश संचालित कर रहे हैं वह वैशाली का लोकतंत्र नहीं है। वैशाली के लोकतंत्र में लूट नहीं है, बेईमानी नहीं है, दलाली नहीं है, धोखाधड़ी नहीं है, चाटुकारिता नहीं है, अपराध और अपराधियों के लिए दंड संहिता, ना की अपराधियों को संरक्षण देने के लिए एक नई प्रणाली को विकसित कर लिया। यहां 73 साल की बातें छोड़, सिर्फ 47 वर्षों के वैशाली निर्माण की बात की जाए। जिले की तो एक भी सांसद और विधायक ऐसे नहीं हुए जो अपना घर भरने के अलावा वैशाली की इज्जत प्रतिष्ठा को लेकर उस आम आदमी की बातों को सुनने का प्रयास करता। जो एक आम वोटर जो है, वह वोटर जो यह इच्छा रखता है कि हमारे जनप्रतिनिधि हमारी इस स्थिति को मजबूत करें। हमें शैक्षणिक, चिकित्सा, सभी प्रकार से हमारे आर्थिक मजबूती को एक सशक्त रूप से आगे बढ़ाने में हमारी मदद करें। यह कदम कभी नहीं बढ़ाया क्या आज तक। 
एक महिला जिलाधिकारी रचना पाटिल को लोग देख चुके हैं अब आपकी बारी
एक महिला जिलाधिकारी रचना पाटिल को लोग देख चुके हैं अब आपकी बारी
 दुर्भाग्य है कि हाजीपुर मुख्यालय वैशाली जिला का हृदय कहा जाता है, लेकिन वैशाली जिला का ह्रदय  स्थली हाजीपुर अपने घाव से पीड़ित है। हाजीपुर शहर की बात करें तो, हाजीपुर शहर में सड़क है और ना ही नाले। हाजीपुर शहर में ना तो फुटपाथ है और ना ही पैदल चलने वालों के लिए पैदल मार्ग। हाजीपुर में जाम है और वह जाम महा जाम है। कैसे बदलेंगे नए जिलाधिकारी इन सभी परिस्थितियों को। बहुत अजीब सी बात यह है जिलाधिकारी का समाहरणालय खुद साफ-सुथरे व्यवस्था से काफी दूर है। बरसात में समाहरणालय में पानी जमा हो जाता है। पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। जिलाधिकारी का जहां निवास स्थान है, उस रास्ते में 2 से 5 फीट तक पानी जमा हो जाता है। क्या-क्या बदलेंगे और क्या जिलाधिकारियों पर कर्तव्यहीनता के लिए कार्रवाई करेंगी ? पूरी हाजीपुर जाम से त्रस्त रहती है। ठेला, रिक्शा चालकों को लोग सहारा देने की जगह पर उन्हें गालियों से नवाजते हैं। उचित सम्मान दिला पाने में आज तक के जिलाधिकारी इन ठेला-रिक्शा वालों को कभी सफलता तो दूर ध्यान भी नहीं दिया होगा। बहुत सारी ऐसी परिस्थितियां हाजीपुर में देखने को मिलेंगे, जिसे देखकर या कहना वाकई में लोकतांत्रिक भूमि कब तक हम सभी इस बात का ढ़ोते और रोना करते रहेंगे। और किसी बहाने हम लोग थक कर चले जाते हैं चाहे वह प्रशासनिक अधिकारी हो या जुमलेबाज राजनेता।
http://www.ahaannews.com/
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  उदिता सिंह वैशाली जिला अधिकारी के रूप में किन-किन लोगों से संघर्ष करेगी। यहां पर 

पहले नंबर पर सुरक्षा दृष्टिकोण से मानवजीत सिंह ढिल्लों, जो पुलिस अधीक्षक हैं। जो 5 बजे के बाद काम नहीं करते हैं और लोगों को घड़ी दिखाकर 5 बजे गया, चल देते हैं। चाहे कोई किसी मुसीबत में हो वो घर निकल जाते हैं। याद हैं वैशाली को मानवजीत सिंह ढिल्लों के आने के बाद सैंकड़ों लाशें बिछ गई। कितनी माताओं के कोख सुने होंगे, कितनी बहनों के साथ की राखी सुनी है, कितने बच्चों के पिता के चलेगा, कितनों के दोस्त-साथी चले गए। लेकिन मानवजीत सिंह ढिल्लों की मानवता नहीं जगी। आपस में लड़ा कर इन्होंने अंग्रेजी परंपरा के पुलिस नीति का अक्षर से पालन किया।  
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 दूसरी समस्या बिजली विभाग की अब बिजली फिर उसी स्थिति में है कब आती है अब याद रहता है और जाति कितने बार हैं गिनती संभव नहीं।  

तीसरी मूलभूत समस्या नीतीश कुमार के सपने दारू बंदी।

  चौथी समस्या सात निश्चय।

   पांचवी समस्या तंबाकू मुक्त वैशाली जो रचना पाटिल के रहते हुए सम्मान मिला था। आज समाहरणालय कक्ष में बैठ कर लो तंबाकू खाया करते हैं।  

 यही मूल काम सरकार ढंग से काम करें यानी सरकार के द्वारा की गई नई जिलाधिकारी तो बड़ी बात है।

  योजनाओं में पूरी सिस्टम मिलकर लूट रही है। इन सब से निपटने कहां तक बचा पाएंगी, जिलाधिकारी।  

 वही सड़कों पर मौत का खेल लगातार जारी है। लेकिन सड़कों पर कराई जा रही हत्या के लिए जिम्मेदार कौन ? यह तय कर पाएंगे जिलाधिकारी महोदया ?  
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 चंदा काटने के लिए पुलिस को लगा दिया जाता है, हर चौक चौराहा पर। लेकिन सड़कों के नहीं होने,  जाम युक्त शहर है, अपराधी शहर है, इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं। जिलाधिकारी वैशाली इनको आने से पहले सोचना समझना और आने के साथ वाकई में प्रशासनिक तंत्र दिखना चाहिए। जिलाधिकारी और जिला प्रशासन की भूमिका एहसास हो तो ही बेहतर होगा।  

फेसबुक पेज पर एक संदेश दिया है जिलाधिकारी बनकर आ रही उदिता सिंह ने मेरी कल्पना का प्रजातंत्र वह है जिसमें अत्यन्त दुर्बल लोगों को वही अवसर प्राप्त हों जो अत्यन्त बलवानों को प्राप्त हैं।

  आप सभी वैशाली वासियों के साथ कदम से कदम मिलाकर वैशाली को भयमुक्त, नशा मुक्त और अपराध मुक्त बनाएंगे और साथ-साथ वैशाली को प्रगति के ऊंचाईयों पर ले जाएंगे।  

🇮🇳Jai Hind Jai Bharat🇮🇳  

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वैशाली जिला की नई DM उदिता सिंह का स्वागत करते हैं, और बेहतर कार्य करने की उपेक्षा के साथ शुभकामनाएं देते हैं। आप अपनी बातों को ही धरातल पर उतारने में सफलता प्राप्त कर ली तो वैशाली इतिहास में दर्ज करेगी, गुलाम भारत के समय के हाजीपुर के एस डी ओ जगदीश चन्द्र माथुर के बाद और आजादी के बाद भी और वैशाली जिला बनने के बाद पहली काबिल आॅफिसर होने का गौरव प्राप्त होगा।

सवर्ण सेना समाज निर्माण में अग्रणीय भूमिका में, संगठन का किया गया विस्तार : सुमित सरकार

सवर्ण सेना का कार्यकर्त्ता मिलन समारोह
सवर्ण सेना का कार्यकर्त्ता मिलन समारोह 
बुधवार को पटना के आई एम ए हॉल में सवर्ण सेना का कार्यकर्त्ता मिलन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें  इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सवर्ण सेना  के संयोजक व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमित सरकार के द्वारा  किया गया। वहीं कार्यक्रम का  संचालन सवर्ण सेना  के  सिंद्धार्थ कुमार द्वारा किया गया। जहाँ इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में सवर्ण सेना के राष्ट्रीय संरक्षक अरिंदम सिंह (पुत्र, पूर्व मंत्री अवनीश कुमार सिंह), मनोज त्यागी (राष्ट्रीय प्रवक्ता, आम आदमी  पार्टी दिल्ली ) भी शामिल हुए।
हमारे संगठन इस मुद्दों पर  सरकार से आगे लड़ाई लड़ेगी
हमारे संगठन इस मुद्दों पर  सरकार से आगे लड़ाई लड़ेगी
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमीत सरकार  के नेतृत्व में संगठन का विस्तार किया गया। संगठन में आये चुन्नू शर्मा, सरोज शर्मा को उपाध्यक्ष, मिथिलेश सिंह को राष्ट्रीय प्रधान महासचिव, सिद्धार्थ औऱ हर्ष को प्रवक्ता, नवीन कुमार को कोषाध्यक्ष, पीयूष को प्रधान महासचिव, शिशु सिंह को महासचिव, हिमांशु को सोशल मीडिया प्रभारी, मुरली बाबू को सचिव और उसके साथ ही पटना जिला इकाई का भी गठन हुआ। जिसमें नितेश सिंह संयोजक, रविश कुमार पटना ग्रामीण अध्यक्ष, सोनू शर्मा पटना महानगर अध्यक्ष बने। इस मौके पर सुमीत सरकार ने संगठन के आगे की रणनीति पर चर्चा करते हुए बताया कि हमारे संगठन इस मुद्दों पर  सरकार से आगे लड़ाई लड़ेगी। कार्यक्रम में होने वाले सवर्ण सेना के कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य रहा है : 

1) बिहार मेडिकल के एडमिशन में सवर्णो के साथ आरछण प्रणाली का सही से पालन नहीं करना।

2) UPSC, BPSC में उतीर्ण होने वाले गरीब सवर्णो को भी दलितों और पिछड़ो के तर्ज पे प्रोत्साहन राशि देना।

3) आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णो जो 10 परसेंट रिजर्वेशन के दायरे में आते है, उन्हें भी अन्य जातियों के तरह सरकारी नौकरियों में अधिकतम उम्र सीमा में छूट देना।

4) सवर्ण समाज के अमीर लोगों से नम्रता पूर्वक निवेदन की वो समाज मे पिछड़े हुए लोगो पे ध्यान दें।

5) सवर्ण समाज के गरीबों को दोहन करने वाली दहेज प्रथा को लेकर समाज मे आने वाली कठिनाई के बारे में जागरूक करना ।

6) समाज के अभिभावक से नम्रता पूर्वक निवेदन की अपने बच्चों पे जबरदस्ती सरकारी नौकरी करने का हुक्म ना थोपे, क्योंकि इससे बेरोजगारी कभी नहीं दूर हो सकता ।
क्वालिफिकेशन के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना।
क्वालिफिकेशन के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना।

7) सवर्ण समाज के गरीब, बेरोजगार युवाओं के लिए उनके क्वालिफिकेशन के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना।

8) सवर्ण समाज में आपस में उपस्थित वैमनस्य को कम करना एवं उन सभी को एक मंच पे लाना। जिससे की हमारा समाज सशक्त बने और सरकार को हमारे ताकत का अहसास हो सके।

9) किसान के  मुद्दे  पे  भी  बिहार  सरकार  को  भारत  सरकार  के  जैसा कोई स्कीम  लाना  चाहिए। क्योंकि  जहाँ  उतर बिहार  में  किसान  बाढ़  से  जूझ  रहे  है, तो  वही  मध्य  बिहार  व दक्षिण  बिहार  में  किसान सुखाड़  से तबाह हैं। इसीलिए  हमारा  संगठन सरकार से अविलम्ब  मांग  करता  है, किसानों  के मदद के लिए जो हो सके। उस पर अविलम्ब  काम  करें,  नहीं  तो  हमारा  संगठन  जल्द  ही  किसानों को  गोलबंद  करके  पटना  मार्च  करेंगे।

बिहार सरकार सवर्ण विरोधी, आरक्षण व संविधान  के  उल्ट जो काम  कर रही  है
बिहार सरकार सवर्ण विरोधी, आरक्षण व संविधान  के  उल्ट जो काम  कर रही  है

इस मौके पर सभी वक्ताओं ने कहा जिस तरह से बिहार सरकार सवर्ण विरोधी, आरक्षण व संविधान  के  उल्ट जो काम  कर रही  है। उससे सवर्ण समाज  के  साथ साथ  पिछड़े  वर्ग  के  लोगो  को  भी  बेबकुफ़  बनाया  जा  रहा  है।

         राज्य में क़ानून व्यवस्था जिस तरह  से चौपट हो गया और आये  दिन  रोज मर्डर हो है। आम लोगो  का और तो  इन दिनों  बिहार  मे  ऐसा  मे  ऐसा  सुशाशन बाबू  की  बहार है, की  पुलिस  भी  अब सुरक्षित  नहीं।  तो आम  आदमी  कैसे  सुरक्षित  रह  सकते  है !

अतः हमारा  संगठन इन सभी  मुद्दों  पे  सरकार  को  जगाने  का  कार्य  करेगी और  अगर  इन  मुद्दों  पे सरकार  नहीं  जागी  तो  समाज  के  लोगों  को  जागरूक  करके जल्द  ही   नीतीश  बाबू  के  सुशासन सरकार  को  2020 में चूल ढीला  कर  दिया  जाये। उसके लिए  हमारा  संगठन  प्रखंड  स्तर  से  लेके  राजधानी  तक बृहत् आंदोलन करेगी।

 सवर्ण सेना कोर कमिटी के सदस्यों  ने फैसला किया कि सवर्ण सेना जल्द ही  सदस्यता अभियान चलाएगी और  ज्यादा   से ज्यादा लोगों  को  अपने संगठन  को  जोड़ेगी। इसके  लिए  जल्द  ही टोलफ्री नंबर का  लॉन्च किया  जायेगा।
       
राष्ट्रीय प्रधान महासचिव मिथलेश कुमार
राष्ट्रीय प्रधान महासचिव मिथलेश कुमार
      
मुख्य वक्ताओं में नवनिर्मित कमिटी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव मिथलेश कुमार सिंह ने कहा कि सवर्ण समाज हमेशा राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर फैसला करती हैं। हम सब मिलकर फिर से भारत को विश्व स्तर पर स्थापित करने के लिए हम सवर्ण सेना को मजबूत करें।

वहीं कार्यक्रम के संचालन करते हुए सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि यह एक सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे हम सबको मिलकर निभाने की जरूरत है। सवर्ण सेना लगातार संघर्षरत हैं और सफ़लता भी पाई हैं। उपरोक्त मांग एक राष्ट्रवादी विचारों की उत्पत्ति हैं।
हमारी दिन-प्रतिदिन जिम्मेवार बढ़ रही हैं।
हमारी दिन-प्रतिदिन जिम्मेवार बढ़ रही हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमीत सरकार  ने कहा कि हमारी दिन-प्रतिदिन जिम्मेवार बढ़ रही हैं। हम सबको मिलकर एक एकता के साथ आगे बढ़ कर भारत को मजबूत करना है। बिहार हमारा मातृभूमि हैं और इसके सामने नेतृत्वविहिन राजनीति हैं। इसके लिए हमें विकास कर राजनीतिक रूप से बिहार को मजबूत बनानी है।

Tuesday, August 27, 2019

आज वैशाली जिले के पातेपुर प्रखंड के अंतर्गत नितेश कुमार का पुतला दहन

डभैच्छ चौक पर सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर फूतला फूंका
डभैच्छ चौक पर सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर फूतला फूंका
मोकामा विधायक अनंत सिंह पर की गयी कानूनी कारवाई के विरोध में मंगलवार को सैंकड़ो युवाओं ने डभैच्छ चौक पर सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर फूतला फूंका।पुतला दहन मोहन चौधरी के नेतृत्व में किया गया। पुतला दहन करने वाले युवाओं ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर फूतला फूंका
सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर फूतला फूंका
उनलोगों का आरोप है कि राजनीतिक साजिश के तहत विधायक पर कार्रवाई की गई है।इस अवसर पर संगठन के अभिलाष ब्रह्मर्षि ने कहा कि नीतीश सरकार एक खास जाती को टारगेट कर उनपर करवाई कर रही है अपराध थोपकर ।मौके पर  अभिलाष ब्रह्मर्षि, मोहन चौधर बलवंत मिश्रा ब्रह्मर्षि समाजसेवी सोनू कुमार चौधरी, नमन चौधरी, अभिनंदन चौधरी, दीपक चौधरी, टंटू सिंह आदि मौजूद थे।

एक कदम और राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ाते कदम लेफ्टिनेंट कर्नल ठाकुर मनमोहन ठाकुर

लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर कश्मीर की वादियों से आकर वैशाली निर्माण में सहयोग करते राष्ट्र निर्माण की ओर
लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर कश्मीर की वादियों से आकर वैशाली निर्माण में सहयोग करते राष्ट्र निर्माण की ओर
कश्मीर की वादियों से निकल कर उत्तर बिहार की बागडोर संभालने के साथ लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर ने बच्चों को एनसीसी के माध्यम से अपने साथ जोड़ने की वीरा उठाई। लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर एक ऐसे सफर पर चल रहे हैं, जहां से भारत का भविष्य तय होता है।
एनसीसी कैडर के बच्चों द्वारा एक कदम आगे बढ़ने का प्रयास
एनसीसी कैडर के बच्चों द्वारा एक कदम आगे बढ़ने का प्रयास
मनमोहन ठाकुर एक ऐसे फौजी हैं जो दिन रात लगकर मातृ सेवा को अपना धर्म समझते हैं और इस वीरा को उठाने के लिए मात्र एक सप्ताह में कई विद्यालयों के साथ-साथ कॉलेजों के माध्यम से एनसीसी में बच्चों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने एक बड़े मजेदार बातें बताई, कि जब मैं पढ़ाई करता था तो मेरी हाइट को लेकर मुझे एनसीसी में नहीं लिया गया था। आज बड़ा गर्व महसूस करते हैं कि आज उन्हें एनसीसी की भर्ती, मैं खुद कर रहा हूं। बहुत अच्छा लगता है अपने बच्चों को राष्ट्र सेवा में प्रोत्साहन करने का अवसर मुझे मिला।
बच्चियों का मनोबल बढ़ाते लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर
बच्चियों का मनोबल बढ़ाते लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर

लेफ्टिनेंट कर्नल ठाकुर लगातार ऐसा प्रयास करते रहते हैं, जिससे समाज में एकजुटता, राष्ट्रवादी एवं संगठनात्मक विकास की नींव बढधती रहें। आज लेफ्टिनेंट कर्नल ठाकुर उत्तर बिहार के लगभग जिलों के बच्चों को एनसीसी के माध्यम से जल सेना, थल सेना एवं वायु सेना आदि के लिए तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं। 
विद्यालय प्रांगण में लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर का स्वागत करते हुए प्राचार्य
विद्यालय प्रांगण में लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर का स्वागत करते हुए प्राचार्य
लेफ्टिनेंट कर्नल ठाकुर वैशाली जिला के ही रहने वाले हैं। और बहुत कम मौके मिलते हैं, जब किसी इतने बड़े अधिकारी को अपना जिला मिलने या अपने जिले से जुड़े क्षेत्र की कमान मिल जाए। यह गौरव का विषय है, लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर जैसे वैशाली जिला सहित उत्तर बिहार के कमान लेकर आए हैं। और लगातार बच्चों के साथ स्कूल जाकर बच्चों को एनसीसी के माध्यम से तैयार करने का प्रयास शुरू कर दिया है। बिना समय गंवाए पिछले हफ्ते उन्होंने महनार के कुछ विद्यालयों से बच्चों को चयनित किया था। वही इस सप्ताह उन्होंने हाजीपुर शहर में स्थित कई कॉलेज-स्कूलों के बच्चों को चयनित किया।

बच्चों से संवाद करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर
बच्चों से संवाद करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर
जी ए इंटर हाई स्कूल, हाजीपुर, एस. डी. ओ. रोड में प्रायोजित एनसीसी चयन प्रक्रिया में जिला के प्रमुख संस्थानों ने भाग लिया। वही मुख्य रूप से हाजीपुर के प्रमुख कॉलेज एवं संस्थानों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। जिसमें हाजीपुर में आज जमुनी लाल महाविद्यालय, जी ए इंटर कालेज, हाजीपुर, महनार एवं  जन्दाहा के बच्चे, आर एन कालेज हाजीपुर एवं आसपास के बच्चों ने एन सी सी की बहाली में हिस्सा लिया। लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर जब बहाली की प्रक्रिया शुरू किए तो बड़ी निराशा उनके चेहरे पर स्पष्ट दिखाई दे रही थी। कर्नल मनमोहन ठाकुर से जब उनकी उदासी का कारण जाने का प्रयास किया, तो उन्होंने बताया किस तरीके से खुलकर प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता से हमारी बच्चियां बहुत दूर है। यह बहुत ही दुखद स्थिति बताती।
एनसीसी के बहाली में बच्चों का मनोबल बढ़ाते लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर
एनसीसी के बहाली में बच्चों का मनोबल बढ़ाते लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर
 हमें अपने बच्चियों को कुछ स्वतंत्रता देनी पड़ेगी, जिससे बच्चियों में राष्ट्रवादी सोच विकसित हो सकें। बच्चियों को प्रोत्साहन देने में, दिलाने में हम हर तरीके से हर संभव प्रयास करेंगे। हमारा दायित्व रहेगा कि हम बच्चियों की संख्या में भी बढ़ोतरी करें और अपनी बेटियों को मजबूत एवं सशक्त बनाए। आज इस बहाली में लड़के और लड़कियों के बीच का प्रतिशत अंतर आसमान और जमीन इतना है। इस दूरी को तुरंत भरने की आवश्यकता है हमारे समाज में इसकी जरूरत है और हमें और हमारे समाज को इसे समझना पड़ेगा। वहीं इसके अलावा वहाँ बच्चों से संवाद करते  हुआ, लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर द्वारा तीनों अंगों के सेना की जानकारी विस्तृत रूप से दी। संवाद की कड़ी को बनाते हुए सभी बच्चों को एन सी सी एवं सेना के तीनो अंगो के बारे में जानकारी दी गई ।
बच्चों के साथ संवाद एवं तीन सेनाओं के बारे में जानकारी देते लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर
बच्चों के साथ संवाद एवं तीन सेनाओं के बारे में जानकारी देते लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर
लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर बड़ी उम्मीद और आशा के साथ आज एनसीसी की बहाली को पूरा किए उनके अंदर जो कमी नजर आई, वह बच्चियों के प्रति उनकी भागीदारी को लेकर। लेकिन फिर भी वह महिलाओं और बच्चियों की भागीदारी को लेकर समाज में एक नए सूत्र के आधार पर आगे बढ़ने का बीड़ा उठाया है। लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर ने कहा महिलाओं की भागीदारी में बहुत कमी देखने को मिली। जरूरत इस बात की है कि हम सब अपने घरों में बालिकाओं को इन सब क्रिया-कलापों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें ।
समीक्षा मुद्रा में लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर के साथ अहान न्यूज़ के संपादक मनीष कुमार सिंह
समीक्षा मुद्रा में लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर के साथ अहान न्यूज़ के संपादक मनीष कुमार सिंह
 बच्चियों को महिलाओं को घर की जिम्मेदारियों के साथ उन्हें बाहरी दुनिया को भी समझने का मौका मिलना चाहिए। हमारी बच्चियां, हमारी माता-बहनों, आप भारतीय संस्कृति, संस्कारों की प्रतीक है। मेरा संदेश यही रहेगा कि अपनी मर्यादाओं के साथ अपने परिवार को बनाते हुए जैसे भी आपको समय मिलता है राष्ट्र निर्माण में आपकी भागीदारी महत्वपूर्ण रहेगी। आप आगे बढ़े और हम सब मिलकर एक सशक्त भारत के निर्माण में अपनी-अपनी भागीदारी सुनिश्चित कराएं। हम समाज से आग्रह करेंगे, अपनी बच्चियों को, बेटियों को, महिलाओं को उनको समुचित अवसर दें। 
बच्चों के साथ संवाद कार्यक्रम में विद्यालय के कम्युनिटी हॉल में लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर
बच्चों के साथ संवाद कार्यक्रम में विद्यालय के कम्युनिटी हॉल में लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर

आशुतोष कुमार किया आग्रह आप सभी भूमिहार ब्राह्मण स्थापना दिवस में शामिल होकर अपनों को मजबूत करें

आशुतोष कुमार राष्ट्रीय अध्यक्ष भूमिहार ब्राह्मण एकता
आशुतोष कुमार राष्ट्रीय अध्यक्ष भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच
भूमिहार ब्राहमण एकता मंच के दूसरे स्थापना दिवस के अवसर पर 30 अगस्त 2019 को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में पूरे भारत के कार्यकर्ताओं की एकजुटता होगी। जिससे माध्यम से भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच एक सशक्त रूप से राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए कुछ निर्णय लेगी। 
सफर लंबी हो या छोटी इमानदारी से निभानी पड़ती
सफर लंबी हो या छोटी इमानदारी से निभानी पड़ती
लगातार सरकार की दबिश के कारण यहां के युवाओं को रोजगार मिल रहा है ना ही किसी के पास सही शिक्षा की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त है। या किसी को सामाजिक रूप से जीने का सही अधिकारी मिल पा रहा है। खासकर ब्रह्मर्षि समाज को बिहार सरकार हो या भारत सरकार की सभी सरकारी सीमित हो चुकी हैं। विभिन्न प्रकार के हथकंडे अपना कर समाज को तोड़ने का लगातार काम सरकारों द्वारा ही किया जाता है। यह लोकतांत्रिक रूप से मजबूत करने के लिए हमें आगे आना होगा, इसी मुख्य उद्देश्य से फाउंडेशन की स्थापना की गई थी। 
भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच का प्रतीक चिन्ह
भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच का प्रतीक चिन्ह
आशुतोष कुमार आगे कहते हैं कि भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते मुझे यह गर्व महसूस होता है कि हमारे समाज के सभी लोगों ने हमें बड़े आदर्श, प्यार, सम्मान के साथ आगे बढ़ाने व बढ़ने का हौसला दिया। जिससे आज हम सब मिलकर एक बार, एक कार्यक्रम का आयोजन कर दुनिया को एक संदेश देंगे। यह ऐसा समय है जब हमारे और हमारे साथियों के मेहनत का एक रंग आप सभी बिहार वासियों को दिखेगा। साथ ही बिहार से बाहर से आने वाले अपने भूमिहार ब्राह्मण भाइयों को यह महसूस होगा। 
संगठन को मजबूती एक साथ मिलकर करते भूमिहार ब्राहमण एकता मंच के सदस्य
संगठन को मजबूती एक साथ मिलकर करते भूमिहार ब्राहमण एकता मंच के सदस्य
बिहार के भूमिहार ब्राह्मण एक सशक्त रूप से आगे बढ़ने के लिए तैयार हो चुके हैं। हम लोग बहुत कम समय में यह तैयारी कर यहां तक पहुंचे हैं। पिछले 10 सालों से लगभग विभिन्न संगठनों के माध्यम से हमने यही महसूस किया कि संगठनों को सरकार की कुछ समय बाद नाचने लगती है। उनके उद्देश्य बदल जाते हैं। उनकी राजनीतिक सोच के कारण उस संगठन का अस्तित्व खत्म होने लगता है। इसीलिए जब भारत सरकार के द्वारा सवर्ण समाज को अंधेरे में धकेलने का काम शुरू किया, तब महसूस हुआ कि अब जरूरत है कि हम भूमिहार ब्राह्मण एक साथ आगे बढ़ कर समाज को पुनः अपने न्यायिक, लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं से सुसज्जित करें। 
भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच का आमंत्रण पत्र
भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच का आमंत्रण पत्र
यह समारोह एक साधारण संवाद नहीं होगा, यह हमारे आपके बीच का अटुट संवाद होगा, जो भारत को सशक्त बनाने के लिए जिम्मेवार होगा। 30 अगस्त को होने वाली बैठक पर निगाह, भारत के सर्वोच्च पद पर बैठे हुए राजनेता या किसी भी राज्य के जनप्रतिनिधियों तक का रहेगा। 30 अगस्त 2019 को होने वाली भूमिहार ब्राह्मण की बैठक हमारी खोखली राजनीति पर एक बहुत बड़ा परहार होगा। हम सभी भगवान परशुराम के वंशज हैं और भगवान परशुराम ने न्याय के लिए कितनी बार अपने परशु से इस पृथ्वी की रक्षा की। हमारे ही समाज की देन है कि आज पूरा विश्व लोकतांत्रिक, लोकतंत्र की स्थापना और उसे जीवंत रूप देने में सफ़लता पाते। हम पहले देश को देखते हैं, लेकिन आज जो सत्ता में बैठे लोग हैं, वह अपने घर, राज्य और समाज से पहले अपनी जाति को देखते हैं।
संगठन का निर्माण 1 दिन में नहीं कई वर्षों के मेहनत का परिणाम होता है
संगठन का निर्माण 1 दिन में नहीं कई वर्षों के मेहनत का परिणाम होता है
 आज 72 सालों में हमने कभी आवाज नहीं उठाई क्योंकि हमें अपना देश बनाना था। लेकिन राजनीतिक गलियारों में बैठे हुए लोगों ने जाति-धर्म के नाम पर ना जाने कितने गांधी मैदान भरें, ना जाने कितने राज्यों में जातियों के नाम पर सम्मेलन होते रहते हैं। लेकिन ढाक के तीन पात वाली कहानी आज तक, कोई मजबूत नहीं हुआ। आखिर क्यों जातिगत सम्मेलन कर लोग किसी राजनीतिक पार्टी का दामन थाम लेते हैं। उनके साथ समाज को बेच देते हैं। अपनी जाति को बेचते हैं, क्या है, एक सीट, जो अपनी सुख-सुविधा और राजनीति के लिए संसद में जाकर आम जनता पैसे का उपभोग करते हैं। जबकि वह उपयोग करते हैं। इसलिए भूमिहार ब्राह्मण समाज कर्तव्य निष्ठा के साथ जो बैठक करने जा रही है, वह सिर्फ भूमिहार समाज की एकता प्रभुता का प्रतीक बनेगा।
एक सशक्त टीम के साथ भूमिहार एकता मंच की एक परिचय
एक सशक्त टीम के साथ भूमिहार एकता मंच की एक परिचय


  मैं लगभग तीन-चार सालों से सक्रिय होकर भूमिहार ब्राह्मणों के बीच में जा रहा हूं। लोगों से मिल रहा हूं। हर आदमी यही कहता है देश में बहुत अलग कर रहे हैं, राजनीतिक उत्थान नहीं हो रहा है राजनीतिक दल संस्कारों की पूर्ति। जिस देश का राष्ट्रपति है, प्रधानमंत्री है, मुख्यमंत्री है, वह भी जातिगत। अपने आप को जाति और धर्म के नाम पर संबोधित करते हैं यह दुर्भाग्य है। जब किसी देश का राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री उस पद को जातिगत शब्दों से नवाज देता है। लेकिन यह इतिहास रहा है कि भूमिहार ब्राह्मण समाज हमेशा से प्रथम राष्ट्र की कल्पना के साथ ही काम करती, दूसरे स्तर पर हम अपने बारे में सोचते हैं। इसलिए पुनः सत्ता की बागडोर अपने हाथों में लेने के लिए और सर्व समाज को यह बताने के लिए लंबे समय से आप सब ने राजनीति समाजनीति बहुत सारी नीतियों का समावेश से समाज में कर देेख लिया। 

गांधी की राह बहुत मजबूत है और हम शांति के साथ संवैधानिक अधिकार एवं देश की लड़ाई लड़ रहे हैं
गांधी की राह बहुत मजबूत है और हम शांति के साथ संवैधानिक अधिकार एवं देश की लड़ाई लड़ रहे हैं
लेकिन आप से कुछ नहीं हो पाया। आपका समाज जहां था उससे भी पीछे चला गया। आपके बच्चे और उद्दंड हो गए। उन्हें ना तो आप शिक्षित कर पाए और नाा ही उनको सामाजिकता सिखा पाए। ना ही उन्हें रोजगार युक्त बना पाया। आरक्षण की मार ने उन्हें और कमजोर कर दिया। वह शारीरिक, मानसिक रूप से विकलांग होते जा रहे हैं और अभी अगर हम लोगों ने नहीं रोका, तो आने वाली पीढ़ियां, आने वाले समय में हम फिर गुलामी की तरफ बढ़ जाएंगे। विश्व स्तर पर जिस तरीके से वर्ल्डवार की बातें हमेशा होते रहती हैं, संकट गहरा रहा है। और इसे समझते हुए हम सभी भूमिहार ब्राह्मण समाज को आगे बढ़कर इस समाज की राजनीतिक परिपाटी को संभालना होगा व बनाना होगा। ताकि हर समाज एक दूसरे के साथ कदम से कदम मिलाकर इस राष्ट्र को अपना समझते हुए भारत माता को मजबूती में हिस्सेदारी निभा सके। जय हिंद। जय भारत। जय हिंदुस्तान। वंदे मातरम्।


Monday, August 26, 2019

सिंधु की जीत भारत का गौरव : मनीष कुमार सिंह

ऐतिहासिक गोल्ड, बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय पीवी सिंधु
गौरवशाली पीवी सिंधु
गौरवशाली पीवी सिंधु
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु ने एकबार फिर इतिहास बनाया और लिखने के लिए कदम बेताब हैं। अब सबको पता चल गया हैं कि बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप को जीतकर गौरवशाली इतिहास रची। इस पर भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु को हार्दिक बधाई। प्रदर्शन की निरंतरता बनी रहे, उज्जवल भविष्य की शुभकामनायें। 
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु
ओलंपिक में रजत पदक विजेता पी.वी. सिंधु ने रविवार को स्विट्जरलैंड में बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप-2019 के फाइनल में नोजोमी ओकुहारा को मात देकर इतिहास रच दिया है। ओलंपिक रजत पदक विजेता पी.वी. सिंधु ने रविवार को स्विट्जरलैंड में बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप-2019 के फाइनल में नोजोमी ओकुहारा को मात देकर इतिहास रच दिया है। बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप 2019 के फाइनल में सिंधु ने जीत दर्ज करते हुए गोल्ड मेडल जीता है। सिंधु वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु पर गर्व
आप सभी को बता दें कि इससे पहले बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भारत के लिए महिला और पुरुष वर्गों में से अब तक किसी ने गोल्ड मेडल नहीं जीता है। पी.वी. सिंधु ने जापान की खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को हराकर चैम्पियनशिप में पहली बार स्वर्ण पदक जीत लिया। सिंधु ने ओकुहारा को सीधे गेमों में 21-7, 21-7 से पराजित किया। यह मुकाबला 38 मिनट तक चला। इस जीत के साथ ही सिंधु ने ओकुहारा से खिलाफ अपना करियर रिकॉर्ड 9-7 का कर लिया है। भारतीय बैडमिंटन स्टार सिंधु ने इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही 2017 के फाइनल में ओकुहारा से मिली हार का हिसाब भी बराबर कर लिया। साल 2017 और 2018 में रजत तथा 2013 व 2014 में कांस्य पदक जीत चुकीं सिंधु ने पहले गेम में अच्छी शुरुआत की और 5-1 की बढ़त बना ली। इसके बाद वह 12-2 से आगे हो गईं।
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु
लगातार तीसरे साल फाइनल में पहुंचने वाली सिंधु ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और 16-2 की लीड लेने के बाद 21-7 से पहला गेम जीत लिया। भारतीय खिलाड़ी ने 16 मिनट में पहला गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में सिंधु ने 2-0 की बढ़त के साथ शुरुआत करते हुए अगले कुछ मिनटों में 8-2 की लीड कायम कर ली। ओलम्पिक पदक विजेता भारतीय खिलाड़ी ने आगे भी अपने आक्रामक खेल के जरिए अंक लेना जारी रखा। सिंधु ने मुकाबले में 14-4 की शानदार बढ़त बना ली। इसके बाद उन्होंने लगातार अंक लेते हुए 21-7 से गेम और मैच समाप्त करके बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप में पहली बार स्वर्ण पदक जीत लिया। बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप में सिंधु के अब पांच पदक हो गए हैं। इनमें एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं।
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु
ज्ञात हो कि सिंधु के पास ऐतिहासिक गोल्ड जीतने का मौका वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशीप में लगातार तीसरी बार फाइनल में पीवी सिंधु जीती। भारतीय स्टार पीवी सिंधु ने शनिवार को ऑल इंग्लैंड चैंपियन चेन यु फेई पर सीधे गेम में मिली जीत से लगातार तीसरे फाइनल में प्रवेश किया। जिससे वह वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल जीतने से महज एक कदम दूर थी। सिंधु ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के पिछले दो चरण में लगातार सिल्वर मेडल हासिल किए, इसके अलावा उनके नाम दो ब्रॉन्ज मेडल भी हैं। हैदराबादी खिलाड़ी ने 40 मिनट तक चले सेमीफाइनल में चीन की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी चेन यु फेई को 21-7 21-14 से शिकस्त दी।
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु की रास्ते बड़े कठीन होते जा रहे थे और चौबीस साल की भारतीय खिलाड़ी को अब रविवार को खिताबी मुकाबले में जापान की 2017 की विजेता नोजोमी ओकुहारा से  भीड़ना था. विश्व रैंकिंग में चौथे पायदान पर काबिज ओकुहारा सिंधु को हराकर ही चैंपियन बनीं थी। दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए 15 मुकाबले में आंकड़े सिंधु के पक्ष में है जिन्होंने आठ मैचों में जीत दर्ज की हुई थी।
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु
भारत की प्रतिभावान बेटी  पी.वी सिंधु
साल 2017 के वर्ल्ड चैंपियनशिप के खिताबी मुकाबले सिंधु ने ओकुहारा के खिलाफ टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे लंबा महिला सिंगल्स का फाइनल खेला था. सिंधु को 110 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में जापान की नोजोमी ओकुहारा से हार का सामना करना पड़ा ‌था। अब एक बार फिर दोनों दिग्गज उसी स्‍टेज पर एक दूसरे का आमना-सामना करने को तैयार थे। 2017 में दोनों के बीच 73 शॉट्स की रैली खेली गई थी। इसके एक साल बाद फाइनल में कैरोलिना मारिन ने उन्हें मात दी थी। वर्ल्ड चैंपियनशिप में पांच मेडल के साथ महिला सिंगल की संयुक्त सबसे सफल खिलाड़ी पीवी सिंधु ने पहली बार इस टूर्नामेंट के अंतिम चार में 2013 में प्रवेश किया था।

जय हिन्द, जय भारत
जय हिंद,  वंदेमातरम्

आशुतोष कुमार की मजबूती में 30 अगस्त को पटना चलों के नारे को दिल्ली एनसीआर में बुलंद करते शेखर शर्मा

आशुतोष कुमार
आशुतोष कुमार
भुमिहार ब्राह्मण एकता मंच, दिल्ली प्रदेश सचिव,शेखर शर्मा के नेतृत्व में एनसीआर में मजबूत तरीके से भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन पटना आने को तैयार हैं।
 #पटना_चलें           #पटना_चलें            #पटना_चलें 
#जय_परशुराम      #जय_भूमिहार      #जय_बरमेश्वर
भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच की टीम
दिल्ली एनसीआर की टीम
उपरोक्त नारों को लेकर ब्राहर्षी समाज को एकत्रित करने के लिए दिन रात एक कर रहे शेखर शर्मा ने बताया कि दिल्ली से संगठन के स्थापना दिवस पर सैंकड़ों कार्यकर्ता पटना पहुंच रहे हैं। यह बड़ा ही ऐतिहासिक क्षण होगा, जब भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन का द्वितीय स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत होगी।
एकता के साथ भूमिहार ब्राह्मण समाज
एकता के साथ भूमिहार ब्राह्मण समाज
बड़े ही विश्वास और एकता के साथ भूमिहार ब्राह्मण समाज पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बेताब हैं। दिल्ली, नोयडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुलगांव, गाजियाबाद, मेरठ जैसे महत्वपूर्ण स्थान से हमारे भाई-बंधु उपस्थित रहेंगे।
एकता के साथ भूमिहार ब्राह्मण समाज
एकता के साथ भूमिहार ब्राह्मण समाज आगे बढ़े
शेखर शर्मा ने बताया कि भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष कुमार के नेतृत्व में भूमिहार ब्राह्मण समाज पहली बार लगभग 20 सालों बाद एकत्रित होकर समाज में स्थापित कुरीतियों को समाप्त करने के लिए तैयार हैं।

भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन
भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन
 आगे शेखर बताते हैं कि बड़ा ही सुनहरा अवसर है जब भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन के स्थापाना दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उसी के साथ कार्यकर्त्ता मिलन समारोह से मंच को और मजबूती मिली है। सब अपना अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं और बड़ी भूमिका निभाने के लिए बेताब भी हैं।
आशुतोष कुमार की पहल एकत्रित हो समाज हमारा
आशुतोष कुमार की पहल एकत्रित हो समाज हमारा
यह कार्यकर्ता सम्मेलन समारोह, जो कि 30 अगस्त 2019 को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल पटना में बड़े ही धूम धाम से मनाया जायेगा। इस सम्मेलन की पूरी तैयारी हो चुकी हैं। शेखर शर्मा अपने आग्रह में कहते हैं कि हम सभी समाज प्रेमियों से अनुरोध है कि आगामी कार्यक्रम में भाग लेकर समाजहित में तेजी से उठ रहे आवाज को मजबूती प्रदान करें। आपकी गरिमामयी उपस्थिति हमारे हौसलो को उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।              
भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच की बैठक दिल्ली में
दिल्ली बैठक की तस्वीरें
  शेखर आगे बताते हैं कि हर रविवार कि तरह दिनांक 25 अगस्त 2019 को भी दिल्ली के सरिता विहार स्थित B-43 भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन के द्वारा अयोजित संकल्प सभा में दिल्ली NCR के सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया। संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक आदरणीय जयकांत वत्स जी ने सभी पदाधिकारियों को सफलता के गुरुमंत्र भी दिए।
एक जुट होकर आगे बढ़ते ब्रह्मर्षी सामाज
एक जुट होकर आगे बढ़ते ब्रह्मर्षी सामाज
शेखर आगे बताते हैं कि आज सर्वविदित हैं कि आगामी 30 अगस्त 2019 को पटना में होने जा रहे स्थापना दिवस सह कार्यकर्ता सम्मेलन में सम्मलित होने के लिए दिल्ली टीम के पदाधिकारियों ने अपनी सहमति जताई। कम से कम 100 और उससे अधिक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी सभा मे भाग लेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने भी संगठन कैसे मजबूत हो और आने वाले समय में अपने समाज मे उत्पन्न द्वेष और कमी को दुर कैसे करें, इसको लेकर सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के सुझाव और विचार सम्मलित किए गए।
परशुरामजी के वंशजों की एक समाजिक न्याय के लिए पहल
परशुरामजी के वंशजों की एक समाजिक न्याय के लिए पहल
इतना ही नहीं सभी सम्मानित सदस्यों ने आशुतोष कुमार के उद्देश्य, सामाजिक एकता के लक्ष्य को पूर्ण करने और कदम से कदम मिलाकर साथ चलने का संकल्प लिया । आशुतोष कुमार की मजबू क्रांतिकारी आंदोलन को मजबूत करने में दिल्ली एनसीआर प्लानिंग के साथ मिलकर आगे बढ़ रही हैं। वहीं बैठ के समापन सत्र में आशुतोष कुमार जिंदाबाद के नारे बुलंद हुए।

बिहार दरोगा भर्ती से बीएनएमयू के करीब तीन लाख छात्र हो रहे है दूर,लेट सेशन के कारण हुआ ऐसा


              "आक्रोश"
:-अनुज भास्कर
:-अनुज भास्कर

                      : : बीएनएमयू के करीब तीन लाख      छात्र si के फॉर्म भरने से हो रहे है वंक्षित।

                       ::छात्रों का खुली चेतवानी सरकार फैसला को वापस ले नही तो करेंगे एक बड़ आन्दोलन।

                     :: आन्दोलन के लिए छात्र हो रहे है इकट्टा
                         :: बीएनएमयू का लेट सेशन से छात्रों का लगा बड़ा झटका।

                       ::छात्रों का मानना है कि अगर मगध विवि के छात्र संगठन ने 1 जनवरी को एक अगस्त करवा लिया तो बीएनएमयू के लाखों छात्रों को क्यों अनदेखा कर वांक्षित किया गया।
http://www.ahaannews.com/
http://www.ahaannews.com/

बीएनएमयू विवि मधेपुरा के छात्र सत्र 2015-18 के लिए बहुत दुःख भरी कहानी सामने आया है वो बिहार दरोगा का फॉर्म नही भर सकते हैं क्योकि उनका रिजल्ट 01अगस्त के बाद ही प्रकाशित किया जा रहा है,जो कि दरोगा भर्ती के विरूध है।इसीके मद्देनजर छात्र ने अनुरोध किया है कि बोर्ड के इस फैसले पर एक्शन ले और 01/08/2019 का जो कंडीशन है।
http://bharatnavnirman.co.in/
http://bharatnavnirman.co.in/

 उनको पूरी तरह से समाप्त किया जाए जिससे 3 लाख छात्र भी इस फॉर्म को भर सके, इस पर फिलाल अभी तक  न तो किसी मीडिया का पेनी नजर में कैद हुआ है न ही किसी नेता का अश्वासन छात्रों को मिली है।अब छात्रों में निराशा लाजिमी है। अगर सरकार इस फैसले को वापस नही लेती है तो बीएनएमयू के तीन लाख छात्रों को बड़ा झटका मिलेगा,यही वजह है कि आक्रोशित छात्र अब एक बड़ा आन्दोलन करने के लिए एक जुट हो रहे है।
http://vaishalidairy.co.in/
http://vaishalidairy.co.in/

 छात्रों का दाबा है कि वो अपना पावर को दिखा देंगे। साथ ही छात्रों का कहना है कि कल मगध विवि का छात्र संघ जब आंदोलन किया तो 01 जनबरी के जगह 01 अगस्त किया और बीएनएमयू के छात्र को ध्यान में नही रखा गया क्योकि बीएनएमयू का कोई वैल्यू ही नहीं है,गलती बीएनएमयू ने किया है सजा हम सब छात्र को भुगतना पर रहा है अतः आप सब छात्रगण से अनुरोध है कि हम सब एक आंदलोन करे जिससे की बोर्ड इस कंडीशन को पूरी तरह से समाप्त कर सके और हम सब बीएनएमयू के छात्र भी इस फॉर्म को भर सके।फिलाल सरकार और स्टूडेंट्स के बिच का अगला कदम क्या होगा ये देखना बांकी।

हाजीपुर। व्यवहार न्यायालय हाजीपुर जिला विधिज्ञ संघ भवन में अधिवक्ता राजकुमार दिवाकर की अध्यक्षता एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान म...