Sunday, November 29, 2020


हाजीपुर। व्यवहार न्यायालय हाजीपुर जिला विधिज्ञ संघ भवन में अधिवक्ता राजकुमार दिवाकर की अध्यक्षता एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा हरेश कुमार सिंह के संचालन में कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान पर आम लोगों से कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई। अध्यक्षता करते हुए अधिवक्ता राजकुमार दिवाकर ने कहा कि हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा स्नान का विशेष महत्व हैअध्यात्म के दृष्टिकोण से कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से लोगों को पाप से मुक्ति एवं मोक्ष की प्राप्ति जैसी मान्यता है। 

कार्यक्रम का संचालन करते हुए भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा हरेश कुमार सिंह ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से बचाव के लिए मांस सैनिटाइजर एवं सामाजिक दूरी बनाए रखना स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक है। इसे ध्यान रखते हुए गंगा स्नान हेतु आने वाले श्रद्धालु सामूहिक स्नान से बचें तथा भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए गाइडलाइन का समुचित पालन करें। 

अधिवक्ता हरे कृष्ण झा, मुकेश रंजन ने कहा कि बिहार के देव भूमि कौन - हारा हाजीपुर सिमरिया घाट रिविलगंज घाट इत्यादि जगहों पर सदियों से गंगा स्नान हेतु श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाते रहे हैं, किंतु वर्ष 2020 वैश्विक कोविड-19 का वर्ष है। इसलिए आस्था के साथ अपने एवं अपने परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए धार्मिक, सामाजिक उत्सवों को मनाएं। इस अवसर पर अधिवक्ता राजीव राय, अनीशचंन्द्र गांधी, विनय कुमार झा, अरविंद कुमार, अरविंद कुमार ओझा, उत्तम कुमार माथुर, लक्ष्मी नारायण हिमांशु आदि ने भी श्रद्धालुओं से सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन करने का आग्रह किया।

32 बिहार बटालियन एनसीसी मुजफ्फरपुर के तत्वाधान में वेबीनार का आयोजन



32 बिहार बटालियन एनसीसी मुजफ्फरपुर के तत्वाधान में बिहार  एवं झारखंड एनसीसी निदेशालय की ओर से एक वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसमें  संविधान दिवस को बहुत ही अनोखे  ढंग से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मेजर जेनरल एम इन्द्रबालन के संबोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को हमारे संविधान के बारे में जानना बहुत जरूरी है ताकि देश के सर्वांगीण विकास में वे भागीदारी निभा सकें। वेबीनार के वक्ताओं का उनहोंने संक्षिप्त परिचय दिया और बिहार और झारखंड के कैडेट को संविधान के प्रति आस्था बढाने के साथ साथ इसे जन जन तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया। लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम की प्रथम वक्ता डाॅ रितु भारद्वाज ने संविधान के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और  मूल अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। 

  

डॉ रितु भारद्वाज जो सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली में अधिवक्ता है और बार एसोसिएशन के सदस्य भी हैं।  उन्होंने मौलिक अधिकार के बारे में लोगों को बताया साथ ही उन्होंने यह जोर देकर कहा कि अधिकार के साथ-साथ हमें अपने कर्तव्यों की भी जानकारी होनी चाहिए और उन कर्तव्यों का पालन करना हम सबकी उतनी ही जिम्मेदारी है। एनसीसी कैडेट में युवा वर्ग होते हैं और अगर उन्हें संविधान के बारे में सही सही जानकारी समय से हो जाए तो आगे चलकर देश को इसका बहुत लाभ होगा । नए पीढ़ी को संविधान के बारे में समझना बहुत जरूरी है और इसी के माध्यम से देश में कानून व्यवस्था सही हो सकती है । उन्होंने कहा कि आज भी देश में बहुत ऐसे लोग हैं जिन्हे अपने मौलिक अधिकारों के बारे में जानकारी नहीं है।  इसके लिए यह आवश्यक है कि शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए और युवा वर्ग लोगों को जागरुक करे। 

द्वितीय वक्ता कर्नल रोहित देव, सेवा निवृत्त जो एक रक्षा विशेषज्ञ भी हैं ने दिल्ली से  अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी देश का सबसे बड़ा संगठन है जो देश की युवा पीढ़ी को एकता और अनुशासन के सुत्र में बांधकर रखता है।  कैडेटों द्वारा किए गए सामाजिक गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि एनसीसी का प्रशिक्षण लेकर वे जिस किसी क्षेत्र में जाते हैं बहुत ही  अच्छा प्रदर्शन करते हैं।  संविधान की प्रसंशा करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें बहुत ही लचीलापन है और जरूरत के अनुसार समय समय पर हम संशोधन ला सकते हैं। 

कार्यक्रम के अन्त में लेफ्टिनेंट कर्नल ए के सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस वेबीनार में बिहार और झारखंड से हजारों कैडेट ने गुगल मीट, यूट्यूब और फेसबुक के माध्यम से जूडकर इसका लाभ उठाया17 नवम्बर को देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के द्वारा संविधान दिवस को मनाए जाने के लिए शुरआत की गई और 13 दिसम्बर तक पूरे देश में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

स्व० यमुना चौधरी की पुण्यतिथि पर कलाकारों और पत्रकारों को मिला सम्मान


पटना : पटना के कालीदास रंगालय सभागार में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवा निवृत गव्य विशेषज्ञ स्व० यमुना चौधरी जी की 15वी पुण्यतिथि के अवसर पर बिहार कलाश्री पुरस्कार परिषद एवं बिहार कला व सांस्कृतिक विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में सम्मान समारोह सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पटना उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश श्री राजेन्द्र प्रसाद ने स्व० यमुना चौधरी के तैल्यचित्र पर पुष्प अर्पित एवं द्वीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत संतोष कुमार तुफानी ने भक्ति वन्दना गाकर किया। 

वहीं इस कार्यक्रम में सुंदर वस्त्रों में सुसज्जित सारिका अखौरी सहयोगी महिला कलाकारों ने कजरी नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। साथ ही कार्यक्रम मे आये उदयन झा, इन्दू कुमारी, मीनी राय, निहारिका कृशं अखौरी, धीरज कुमार, सुरेश प्रसाद मेहता सहित अन्य कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों से खुब तालियां बटोरी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उपरांत सम्मान वितरण किया गया। बिहार आयुर्वेद चिकित्सा शिरोमणि डॉ०सुनील कुमार दूबे को, बिहार कला रत्न संतोष कुमार, ओम प्रकाश, राजू मिश्रा, स्वेत प्रीति को, तथा बिहार समाज सेवा रत्न मुकेश कुमार सिंह उर्फ बब्लू को। 

पत्रकारिता के क्षेत्र में बेहतर कार्य हेतु बिहार पत्रकारश्री का सम्मान संजय वर्मा, प्रेम कुमार, दिनेश कुमार, आकाश कुमार को दिया गया। साथ ही साथ शिक्षा के क्षेत्र में उतकृष्ट कार्य के लिए बिहार शिक्षा रत्न का सम्मान डॉ० दिलीप कुमार प्रसाद, डॉ० संजू कुमारी,डॉ० माधवी प्रभा सिंह और डॉ० रंजन कुमार को दिया गया। वही विभिन्न कला से संबंधित बिहार कलाश्री सम्मान फिल्मों मे श्रेष्ठ अभिनय निर्देशन करने के लिए निर्मल कुमार उर्फ शशि शर्मा को दिया गया। इसके अलावा बिहार कलाश्री का सम्मान सुश्री मीनी राय,इन्दू कुमारी, सोनाली कुमारी, सन्नी कुमार, सुश्री मुन्नी कुमारी तथा उदय न झा को दिया गया।

कार्यक्रम मे आये मुख्य अतिथि पटना उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता उपेंद्र प्रसाद, उच्च न्यायालय के ही अधिवक्ता वीणा जयसवाल, बिहार आर्ट थियेटर के जेनरल सेक्रेटरी अरूण सिन्हा, भाजपा के प्रवक्ता डॉ० विनोद शर्मा, जदयू के वरीय नेता सुमन कुमार मलिक एवं भानू जी सहित हम पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता ई अजय यादव ने भी संवोधित किया। इस भव्य सास्कृतिक कार्यक्रम के संयोजक विनोद पंडित थे।  समारोह में आये आगंतुक अतिथियों का स्वागत एवं अध्यक्षता विश्व मोहन चौधरी "सन्त" ने तथा इस कार्यक्रम मे संपूर्ण उदघोषणा शिल्पी मित्रा ने किया।

मोहम्मद अजीज की पुण्यतिथि पर ‘ई हमार चुनौती बा’ का पोस्टर लांच


पटना : 27 नवंबर : ओम हरी संगति फिल्म्स प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी भोजपुरी फिल्म "ई हमार चुनौती बा" का पोस्टर लांच मोहम्मद अजीज साहब की पुण्यतिथि के अवसर पर कालिदास रंगालय पटना में संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रेडियो मिर्ची आरजे शशी, मुखिया संघ अध्यक्ष सारण के श्री मिथिलेश राय, मिसेज एशिया यूनीवर्स 2020 और मिसेज इंडिया सीइज इंडिया की विजेता रिचा कुमारी, वरुण सिंह (कला संस्कृति प्रकोष्ठ बिहार भाजपा), मनीष महिवाल (एंकर अभिनेता), अनिल राज( नृत्य निर्देशक), बृजेश पाठक ( निर्देशक), सत्येंद्र स्वामी (निर्देशक ), आलोक कुमार (बिल्डर ) मौजूद थे। मोहम्मद अजीज की पुण्यतिथि के अवसर पर भोजपुरी फिल्म हमार चुनौती बा के पोस्टर का अनावरण किया गया। इस फिल्म में मोहम्मद अजीज का आखिरी गाना भी है।

कला संस्कृति प्रकोष्ठ भाजपा अध्यक्ष वरुण सिंह ने कहा कि इस फिल्म के लिये सभी कलाकारों को बधाई देता हूं कि उन्होंने पूरी शूटिंग बिहार में की है! मुखिया संघ अध्यक्ष सारण के श्री मिथिलेश राय ने वादा किया है कि भोजपुरी समाज और भोजपुरी फिल्म के लिए जो भी बन सकेगा करेंगे। रिचा कुमारी ने फिल्म की टीम को बधाई एवं शुभकामना दी है। कार्यक्रम में फिल्म के हीरो बसंत कुमार मंच का संचालन किया। अभिनेत्री बबली कुमारी ने मंच पर अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम में इस कार्यक्रम आरजे शशी ने मोहम्मद अजीज के साथ बिताए पलों को साझा किया।

उन्होंने बताया कि मोहम्मद अजीज साहब गायक के साथ-साथ एक दिलदार व्यक्ति भी थे। आयोजन में इस फिल्म के मुख्य कलाकार, अक्षय राज, निशा सिंह ,बसंत कुमार, आशिका राज, भावना शर्मा, बबली कुमारी, प्रवीण सप्पू,  मुन्ना टाइगर, विनय बेताबी, अंशु दीवाना, अशोक कुमार, ऋतुराज, आजाद लाडला, बिट्टू, सनी मौर्या, अशोक गोस्वामी, मोतीलाल चौधरी, आलोक कुमार के साथ-साथ पटना के भी कई कलाकार मौजूद थे। फिल्म के कथा राकेश कुमार रंजन, पटकथा:- नन्ने पांडे, गीत:- विनय बिहारी, पंकज परदेसी मारधाड़ :- अंशु दीवाना, नृत्य:- विनय बेताबी, कैमरा :-विकास पांडे एडिटर:- योगेश पांडे कार्यकारी निर्माता राम इकबाल प्रसाद हैं।

वेतन की समस्या को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल का ज्ञापन


राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल वेतन की समस्या को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी वैशाली के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष त्रिवेणी कुमार, कार्यकारी जिलाध्यक्ष अजीत कुमार राकेश, संगठन मंत्री राजेश कुमार एवं जिला सचिव धीरज कुमार शामिल थे।

वैश्विक महामारी कोरोना से लोग त्रस्त हैं। भारत सरकार द्वारा किसी भी परिस्थिति में वेतन नहीं रोकने का दिशानिर्देश जारी किया जा चुका है। किंतु वैशाली जिला में शिक्षकों को विगत छः माह से वेतन नहीं मिलना बहुत ही खेदपूर्ण है। उक्त जानकारी देते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ वैशाली के जिला सचिव धीरज कुमार ने कहा कि दशहरा, दिवाली, छठ एवं ईद जैसे महापर्व में भी विगत छः माह से वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षक भूखमरी के कगार पर हैं।

ऐसी स्थिति में विभाग द्वारा  जानबूझकर देरी करना शिक्षकों के प्रति अमानवीय व्यवहार को दर्शाता है जिसका राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ पूर्ण विरोध करता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, वैशाली ने जिला शिक्षा पदाधिकारी वैशाली को पत्र लिखकर अवगत कराते हुए कहा है कि वैशाली जिला में जी० ओ० बी० से वेतन प्राप्त करने वाले  नियमित शिक्षकों का सितंबर 2020 से एवं नियोजित नगर शिक्षकों का जुलाई 2020 से तथा नियोजित प्रखंड एवं पंचायत शिक्षकों का अक्टूबर 2020 से वेतन बाधित है। विभागीय उदासीनता ने छः माह से वेतन नहीं मिलने के कारण वैशाली जिला के वेतनभोगी शिक्षकों को भिखारी बनाकर छोड़ दिया है । जो अत्यंत खेदजनक है। श्री कुमार ने पत्र में कहा कि पर्व-त्योहार में भी वेतन के अभाव में शिक्षकों के घर परिवार में मातम की स्थिति बनी हुई है।  

ऐसी आर्थिक संकट की स्थिति में शिक्षक दर दर की ठोकर खाने को मजबूर हैं। किसी भी कर्मी का वेतन नहीं रोकने का भारत सरकार का स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद वैशाली जिला के नियमित एवं नियोजित नगर शिक्षकों का वेतन बाधित करना अत्यंत निन्दनीय और नैसर्गिक न्याय के खिलाफ है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ इसका घोर विरोध करता है। ऐसे में शिक्षकों एवं उनके परिवार के साथ किसी भी तरह की अप्रिय दुर्घटना की सारी जबावदेही संबंधित विभाग की होगी। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी वैशाली से शिक्षकों का वेतन भुगतान एक सप्ताह के अंदर कराने मांग करते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के अंदर शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं होता है तो महासंघ आंदोलन करने को बाध्य होगा। 

"केन्द्र सरकार कर्मचारियों के साथ अपना रही है दोहरा माप दंड, लागू करना होगा पुरानी पेंशन नीति." - शैलेश'.

 "राजग सरकार की आर्थिक औद्योगिक नीतियाँ मजदूर विरोधी." - " देश के विकास में डाक कर्मचारियों का अमूल्य योगदान" -'शैलेश'



समस्तीपुर : केन्द्रीय नेतृत्व के आह्वान पर अपने 22 सूत्री मांगों के समर्थन में 'संयुक्त डाक संघर्ष समिति' के बैनर तले अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ तृतीय श्रेणी, एमटीएस,ग्रामीण डाक डाक सेवकों के द्वारा आज प्रधान डाकघर के मुख्य द्वार पर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष श्री चंदेश्वर प्रसाद कुँवर की अध्यक्षता में एक दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया गया, संचालक प्रवक्ता शैलेश कुमार सिंह थें। जीडीएस  संघ का नेतृत्व सचिव इंद्रदेव राय ने किया। हड़ताल के परिणाम स्वरूप सममस्तीपुर प्रधान डाकघर समेत जिले की तमाम डाक सेवाएँ ठप्प रही तथा सभी डाकघरों में ताले लटके पाये गए। वक्ताओं ने केन्द्र सरकार की नीतियों का जम कर विरोध किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के प्रवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों और वादा खिलाफी का जमकर विरोध किया। 

श्री सिंह ने संगठन की चिर लंबित मांगों की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि देश पर आर्थिक बोझ का बहाना बनाकर जहां एक ओर भाजपा नीत राजग सरकार ने वर्ष 2004 में  01 लीं जनवरी से सरकारी कर्मचारियों का जो चाहे केन्द्र सरकार कर्मी हों या राज्य सरकार कर्मी हों, का पेंशन का प्रावधान समाप्त कर दिया तो दूसरी ओर समाज सेवा के नाम पर सांसद, विधायक, विधान पार्षदों समेत महत्वपूर्ण पदों पर आसीन जन प्रतिनिधियों का पेंशन लागू कर दोहरे मापदंड का परिचय दिया, जिस कारण 60 साल की विभागीय सेवा के पश्चात सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृति पर स्वयं और परिवार के भरण-पोषण के लिए प्रत्येक माह पेंशन के रूप में मिलने वाली मासिक राशि से वंचित कर दिया गया। तो दूसरी ओर समाज सेवा के नाम पर पदासीन होने वाले सांसद, विधायक,विधान पार्षद जैसे महत्वपूर्ण पदों पर निर्वाचित होने वाले जनप्रतिनिधियों पेंशन शुरू कर दिया गया और इतना ही नहीं वैसे जन प्रतिनिधि जो एक दिन के लिए भी वर्तमान पदों के साथ अन्य ऐसे पदों पर निर्वाचित हुए हो, उन्हें सभी पदों का अलग-अलग पेंशन संयुक्त रूप से मिलने का प्रावधान बना दिया है जो सरकार के दोहरे माप-दंड का परिचायक है।

सरकार की इस नियत को समस्त डाककर्मी और देश की समस्त जनता जानना चाहती है। इस काले कानून को सरकार अविलंब वापस ले और पुरानी पेंशन नीति लागू करे। श्री सिंह ने आगे कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में डाककर्मियों ने लोगों को समस्त डाक सेवा के साथ-साथ अन्य मूलभूत सेवा/सहायता दी है, वैसे तम्माम साथियों के प्रति यह संगठन आभार प्रकट करता है, किन्तु वर्तमान भाजपानीत राजग सरकार ऐसे विषम परिस्थिति में 'कोरोना' से प्रभावित होने के कारण कार्यालय से अनुपस्थित रहने वाले डाककर्मियों पर की जा रही दमनात्मक कार्यवाही सरकार की असंवेदनशीलता दर्शाती है, जिसका यह संगठन विरोध करता है। श्री सिंह ने आगे कहा कि संगठन 'कोरोना' से मरने वाले सभी विभागीय/जीडीएस डाककर्मियों के परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये अनुग्रह-राशि के अविलंब भुगतान की मांग करता है।श्री सिंह ने संघ की लंबित मांगों में शामिल वर्षों से खाली पड़े सभी रिक्त पदों को अविलंब नव-नियुक्ति कर भरना, ग्रुप-बी और उच्चाधिकारियों को पूरे सेवाकाल में मिलने वाली 05 समयबद्ध पद्दोन्नति की तर्ज पर सभी स्तर के कर्मचारियों को 05 पद्दोन्नति का लाभ दिया जाना, समाज के अंतिम व्यक्ति तक डाक सेवा उपलब्ध कराने वाले डाक सेवकों को सरकारी कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करना और सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर सभी सरकारी सुविधा का लाभ देना, पद्दोन्नति अनुक्रम में एम ए सी पी लागू करना एवं एल डी सी के वेतनमान में बढ़ोतरी करना, समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित करना,सेवा काल में मृतक डाक कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर 05 प्रतिशत की जगह शत-प्रतिशत बहाल करना, आउट शोर्सिंग और कॉन्ट्रक्ट पर बहाली बन्द कर कैजुअल लेबर तथा कंटीजेन्ट पेड कर्मचारियों को नियमित करना, 07 वें वेतन आयोग की समस्त कर्मचारी समर्थित अनुशंसा को हूँ-बहू लागू करना तथा विगत दो वर्ष पूर्व रद्द (बन्द) किए गए कर्मचारियों के  52 प्रकार के भत्ते को पुनः चालू करना है ।

श्री सिंह ने आगे कहा कि हमें अपनी चिर-लंबित मांगों के समर्थन में बाध्य होकर हड़ताल पर जाना पड़ा है और सरकार द्वारा हमारी सभी जायज मांगों को अविलंब पूरा नही किये जाने की स्थिति में हमें बाध्य होकर पुनःअनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाना पड़ सकता है, जिसकी सारी जवाबदेही सरकार की होगी,हम डाक कर्मचारियों की नही होगी।  मौके पर सर्वश्री चंदेश्वर प्रसाद कुँवर (प्रांतीय अध्यक्ष ), ओम प्रकाश सिंह (सचिव,पी-3), दिलीप कुमार, बासुदेव सिंह, अशोक पांडेय,रजनी कांत गिरी, पंकज कुमार मिश्र, संजय झा, संजीव झा,इंद्रदेव राय (सचिव, जीडीएस), धर्मेंद्र कुमार, राकेश कुमार, रमेश कुमार सिंह, वैद्यनाथ पासवान, सुरेश सिंह, मंजू कुमारी, अर्चना, अशोक मिश्र, कुमार धीरज, मृत्युंजय कुमार, अभिषेक मिश्र समेत सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित थें।

ब्रह्मर्षि समाज ने हमेशा राष्ट्र को प्रथम माना त्याग और बलिदान किया


ब्रह्मर्षि विकास मंच फेडरेशन के निरंतर बढ़ते कदम ने समाज को एक नया आयाम दिया है। लंबे समय से चल रहे समाज को एकजुट करने के साथ युवाओं को मार्गदर्शन करते हुए रोजगार युक्त बनाने में कामयाब हो रहे हैं। इसी क्रम में वैशाली जिले के दिलावरपुर ग्राम में माँ जगदम्बा के प्रांगण में ब्रह्मर्षि विकास मंच फेडरेशन के बैनर तले ब्रह्मर्षि सम्मेलन के माध्यम से मंच के पदधिकारियों का ग्रामीण द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। जिलाध्यक्ष सुुुुजीत भारद्वाज के नेतृत्व मेंं सूर्य मंदिर के प्रांगण में किया गयाा।

मंच के प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर नारायण सिंह के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ रहा है और अपनी एक अलग पहचान बना रही है। पुष्कर नारायण सिंह ने कहा कि ब्रह्मर्षि समाज का त्याग और बलिदान कि अपनी आदर्श इतिहास रहा है। यह समाज वर्तमान समय में अपने पथ से भटक गया है, जिस कारण समाज का विकास अवरुद्ध हो गया है। समाज के युवा वर्ग को विकृतियां छोड़कर समाज एवं देश के उत्थान के लिए शिक्षित और जागरूक होकर देश की सेवा और समाज की सेवा करना चाहिए।

ब्रह्मर्षि विकास मंच फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर नायक सिंह ने कहा कि समाज के युवाओं को अपने पूर्वजों के इतिहास से सीख लेनी चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि हमें प्रथम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह, रामधारी सिंह दिनकर, रामवृक्ष बेनीपुरी, रामदयालु सिंह, सहित अन्य महापुरुषों से प्रेरणा ग्रहण करने का आह्वान किया। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी कटुता भेदभाव भुलाकर नशा सेवन नहीं करने पढ़ने और संस्कारवान करने की अपील की। इस अवसर पर ग्रामीणों के द्वारा अंग वस्त्र फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस्माइलपुर गांव स्थित मंदिर के प्रांगण में ग्रामीणों ने भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया था।

ब्रह्मर्षि विकास मंच फेडरेशन के बिहार प्रदेश अध्यक्ष श्री पुष्कर नारायण, प्रदेश सचिव श्री किशोर कुणाल, संगठन मंत्री श्री मंटू मयंक जी, धीरज सिंह, सुजीत भारद्वाज एवं अन्य पदधिकारियों द्वारा संगठन की विचारधारा से अवगत कराया गया। उसके बाद इस्माईलपुर ग्राम में सभी पदादिकरियों ने यज्ञ एवं अखंड कीर्तन में शिरकत किया एवं प्रसाद ग्रहण किया।

हाजीपुर। व्यवहार न्यायालय हाजीपुर जिला विधिज्ञ संघ भवन में अधिवक्ता राजकुमार दिवाकर की अध्यक्षता एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान म...